देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। राजस्थान शिक्षक संघ ( शेखावत ) शाखा देवली के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष शिशुपाल चौधरी ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों का समाधान समय पर होना चाहिए।
*संगठन की प्रमुख मांगें:*
1. *TET अनिवार्यता*: 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता का न्यायसंगत समाधान किया जाए।
2. *स्थाईकरण*: नव चयनित शारीरिक शिक्षकों के स्थाईकरण आदेश जारी किए जाएं।
3. *RGHS योजना*: RGHS योजना को निरंतर जारी रखा जाए ताकि शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।
4. *पे-प्रोटेक्शन*: 2 जून 2026 के वित्त विभाग आदेश की पुनः समीक्षा कर शिक्षकों से की जा रही वसूली पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा संघ ने ग्रीष्मकालीन अवकाश पूर्ववत लागू कर शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू करने, पोषाहार-ट्रांसपोर्ट वाउचर का बकाया भुगतान,राजस्थान मदरसा बोर्ड में समस्त कार्यरत मदरसा शिक्षा अनुदेशक व मदरसा कंप्यूटर अनुदेशक को नियमित किया जाए l स्कूलों में स्टाफ-बिजली-पानी-कमरों की व्यवस्था, सफाईकर्मी की नियुक्ति और स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग भी रखी। संघ के प्रदेश प्रतिनिधि कमलेश शर्मा ने बताया कि 7 अप्रैल 2026 को ब्लॉक स्तर और 1 व 15 मई 2026 को जिला स्तर पर प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि मांगें अनसुनी रहीं तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। प्रतिनिधि मंडल में तहसील अध्यक्ष शिशुपाल चौधरी, मंत्री कैलाश शर्मा, संजय चौधरी, अरुण माहेश्वरी, मदरसा शिक्षा अनुदेशक राधेश्याम धाकड़, जाकिर हुसैन, सहित कई शिक्षकों ने भाग लिया।






