*प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रकों से आ रहा लोहा, विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल।
देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में लोहा कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारियों द्वारा करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी किए जाने का मामला सामने आ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रकों के माध्यम से गाटर, सरिया और अन्य आयरन सामग्री शहर में पहुंच रही है। सूत्र बताते हैं कि कई व्यापारी इस माल को बिना जीएसटी बिल के ही बाजार में बेच रहे हैं। बताया जा रहा है कि रोजाना बड़ी गाड़ियां लोहा सामग्री लेकर शहर में पहुंचती हैं। कई व्यापारी माल को बिना बिल के ही धड़ल्ले से बेच रहे हैं, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि यह पूरा खेल काफी समय से चल रहा है और वर्तमान में यह अपने चरम पर पहुंच चुका है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जीएसटी विभाग को सभी गोपनीय जानकारी उपलब्ध है लेकिन मिली भगत के चलते उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में कई बड़े लोहा व्यापारिक प्रतिष्ठान है, जिन पर लंबे समय से जीएसटी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है, इससे जीएसटी विभाग की कार्य प्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार कई लोहा व्यापारी और आयरन इंडस्ट्री संचालक जीएसटी नियमों की अनदेखी कर माल को सीधे ग्राहकों को बिना बिल के बेच रहे हैं। इससे जहां ईमानदार व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, वहीं सरकार के खजाने को भी करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। इतने बड़े स्तर पर कारोबार होने के बावजूद अभी तक जीएसटी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जीएसटी विभाग द्वारा शहर के लोहा कारोबारियों के स्टॉक और बिलिंग की जांच की जाए तो करोड़ों रुपये की कर चोरी उजागर हो सकती है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि जीएसटी चोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो और सरकार को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।








