देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। धर्म नगरी देवली में मुनि श्री के पावन सानिध्य में धर्म की जबरदस्त धर्म प्रभावना बरस रही है मुनि श्री अपनी ज्ञान देशना से समस्त जैन अजेंन समाज को लाभान्वित कर रहे है। जहाँ 5 से 7 डिग्री के टेम्परेचर में लोग रजाई से बाहर निकलने में घबराते है दिनभर अलाव जलाकर सर्दी से बचने का प्रयास करते है वही पर ऐसे कोहरे ओर सर्दी को भी मात देकर मुनि श्री प्रणीत सागर जी सुबह 6:30 पर श्रावकों के साथ देवली के समस्त जैन मंदिरों के दर्शन को निकलते है उसके पश्चात गुरुदेव की जिनवाणी देशना की क्लास चालू हो जाती है जिसमे समाज के बच्चे और वयस्क लोगो को धर्म का ज्ञान बरसा रहे है।
9 बजे से गुरुवाणी देशना प्रवचन के माध्यम से समस्त भक्तों को धर्म का ज्ञान प्रदान कर रहे है फिर दिन में फिर से क्लास लगाकर धर्म की जिन दर्शना को प्रवाहित कर रहे है फिर शाम को भक्तों की शंका समाधान दूर करते है फिर आनन्द यात्रा से पूरी देवली नगरी को धर्ममय बना दिया है। लोग अचंभित है की इतनी सर्दी में भी एक दिगम्बर साधु धर्म की प्रभावना कर रहै है महान है एक जैन संत जो दिंगम्बर आवरण को धारण करके सर्दी गर्मी बरसात में भी अपने धर्म का निर्वाह कर रहे है। लोगो को त्याग की बहुत बड़ी सीख मिलती है की एक दिगम्बर साधु अपने मोक्ष मार्ग पर किसी भी कठिनाई से नही घबराते है और समाज ओर श्रावकों को धर्ममय बनाने के लिये अग्रसर है।



