Deolikhabarexpress

वामन कथा अहंकार के त्याग और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रमाण:-कथावाचक अभिनव पाराशर।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। उपखंड के दूनी कस्बे के पास ही स्थित बहु विख्यात जन जन की आस्था के केंद्र काला नाडा बालाजी महाराज मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक पंडित अभिनव पाराशर ने कथा चतुर्थ दिवस गजेंद्र मोक्ष कथा सुनाते हुए कहा कि गजेंद्र मोक्ष, श्रीमद्भागवत पुराण (अष्टम स्कंध) की एक पावन कथा है, जो भगवान विष्णु द्वारा गजेन्द्र (हाथी) को ग्राह (मगरमच्छ) से मुक्त कराने और सच्ची शरणागति का महत्व बताती है। अपनी रक्षा के लिए भगवान को याद करने पर, विष्णु जी ने गरुड़ पर आकर सुदर्शन चक्र से ग्राह का वध किया और गजेन्द्र को मोक्ष प्रदान किया।

वही वामन अवतार के कथा प्रसंग को सुनाते हुए बताया कि वामन अवतार भगवान विष्णु का पांचवां और त्रेतायुग का पहला मानव अवतार (बौना ब्राह्मण) है, जो राजा बलि के अहंकार को नष्ट करने और देवताओं को स्वर्ग वापस दिलाने के लिए माता अदिति के गर्भ से उत्पन्न हुए थे। विष्णुजी ने भिक्षा में तीन पग भूमि मांगी और विराट रूप धारण कर दो पगों में पृथ्वी-स्वर्ग नापकर तीसरा पग बलि के सिर पर रखा। यह कथा अहंकार के त्याग और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण (आत्म-निवेदन) का प्रमाण है। इस दौरान श्री कृष्ण जन्मोत्सव भी मनाया गया। जहाँ पूरा पांडाल श्रीकृष्ण के जय जयकारो से गूंज उठा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top