देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र द्वारा मंगलवार को शिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया गया। शहर की पार्श्वनाथ धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम को श्रद्धा के साथ मनाया गया। महोत्सव में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चंद्रकला का मुख्य उद्बोधन रहा। उन्होंने मानसिक शांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना आंतरिक शांति के गृहस्थ जीवन में सुख और समृद्धि पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो सकती। उन्होंने जीवन को समर्थ बनाने के लिए व्यर्थ संकल्पों का दान कर स्वयं को परमात्मा शिव के प्रति समर्पित करने की प्रेरणा दी।
इस आध्यात्मिक समागम में जयपुर एवं देवली के आसपास के क्षेत्रों से आए कई साधकों सहित शहर के कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बार काउंसिल राजस्थान के जनरल सेक्रेटरी एवं कोषाध्यक्ष ने शिरकत की। महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद शिव ध्वज फहराया गया। अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन और आध्यात्मिक चर्चा के बाद सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर भगवान शिव की पूजा की गई। सभी को शिव पूजा का विशेष महत्व बताया गया।


