अव्यवस्था:मैरिज गार्डन, होटलों के बाहर पार्किंग नहीं, शादी समेत अन्य आयोजनों पर सड़क पर होते हैं वाहन पार्क, लगता है जाम।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में एक दर्जन से ज्यादा मैरिज गार्डन हैं। लेकिन इनमें से कुछ मैरिज गार्डनों के पास ही खुद का पार्किंग स्थल है। बाकी के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है। जब इन मैरिज गार्डनों में शादी समारोह अथवा अन्य आयोजन होते हैं तो इनमें आने वाले लोग अपने दो पहिया व चार पहिया वाहनों को इन मैरिज गार्डनों के बाहर सड़क पर पार्क कर देते हैं। सड़क को इस तरह उपयोग किया जाता है, मानो वाहन मालिक अथवा मैरिज गार्डन संचालक की खुद की जमीन हो। एक-दो मैरिज गार्डन छोड़ दें तो बाकी मैरिज गार्डन मुख्य सड़क मार्गों पर हैं। इसलिए जाम की स्थिति बन जाती है। रात 12 बजे तक सड़कें वाहनों से पटी रहती हैं। दोलता मोड़ से ही मैरिज गार्डनों की शुरुआत हो जाती है वही कोटा रोड हनुमान नगर थाने वाले रोड सहित जहाजपुर रोड पर मुख्य मैरिज गार्डन स्थित है। जिनमे से केवल कोटा रोड पे मौजूद रामेश्वरम मैरिज गार्डन व कानगढ़ मैरिज गार्डन के अलावा किसी के पास पर्याप्त पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नही है।

जबकि बिना पार्किंग की सुविधा के भी अन्य गार्डनों के शुल्क लाखो में वसूल किये जा रहे है। वहाँ से गुजरने वाले वाहनों व राहगीरों को हो रही परेशानियों से किसी को कोई सरोकार नही है। अभी हाल ही में ऊंचा निवासी जागरूक नागरिक जयराम मीना ने इस विषय पर जहाजपुर रोड पर स्थित रिद्धि सिद्धि मैरिज गार्डन के बाहर का नज़ारा सोशल मीडिया के जरिये लाइव दिखाया था। जिसमे एक शादी समारोह के दौरान गार्डन के बाहर खड़े बेतरतीब वाहनों से व्याप्त परेशानी को उजागर किया था। इन मैरिज गार्डनों में विवाह कार्यक्रमों पर आमजन से 2 लाख से चार लाख रुपए तक लिए जाते हैं। ये रकम सिर्फ और सिर्फ साज सज्जा, रहने, ठहरने की व्यवस्था को लेकर होती है। बाकी सुविधाएं नहीं रहती हैं। जबकि प्रशासन द्वारा इन मैरिज गार्डन संचालकों, होटल संचालकों की बैठक लेकर इन्हें होटलों में आगजनी की घटना को रोकने अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे लगवाने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रतिबंध रहने के साथ ही विवाह और होटलों के बाहर पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराने के निर्देश देने की आवश्यकता है।

शादी कार्यक्रम शाम सात बजे से शुरू होकर रात 12 बजे तक चलता है और इस बीच वाहनो को सड़कों पर पार्क कर दिया जाता है। लोग अपनी सुविधा के लिए दूसरे लोगों को मुसीबत में डालते हैं। लेकिन अब कुछ लोग जागरूक हो रहे हैं और वे पार्किंग वाली मैरिज गार्डनों की बुकिंग करते हैं ताकि वाहन आसानी से पार्क करने के साथ ही वाहनों के हाॅर्न का शोर शराबा न हो। कुछ गार्डन ऐसे भी हैं जिनमें पार्किंग की व्यवस्था नाम मात्र के लिए हैं। इसी तरह कुछ ऐसे भी मैरिज गार्डन हैं जिनमें पार्किंग की व्यवस्था पीछे की गई है। अंदर वाहन ले जाने के बजाए लोग मुख्य मार्ग पर ही दोनों तरफ वाहन पार्क कर देते हैं जिससे जाम लग जाता है। जब इन होटलों में बड़े आयोजन होते हैं तब वाहन सड़कों पर पार्क देखे जा सकते हैं। कोटा रोड, जयपुर रोड व जहाजपुर रोड सबसे ज्यादा व्यस्ततम सड़क मार्ग है इसलिए सड़क पर वाहन पार्क होने पर लंबा जाम लग जाता है और कई बार लोगों को निकलने में घंटों मशक्कत करना पड़ती है। वहीं शादी सीजन में जब मैरिज गार्डनों में शादी समारोह या फिर अन्य दिनों में होने वाली एनिवर्सरी पार्टियों में शामिल होने वाले लोग अपने दो पहिया, चार पहिया वाहनों को सड़कों पर पार्क कर देते हैं। वाहन को भगवान भरोसे छोड़कर अंदर चले जाते हैं और जब आधा, एक घंटे में वापस लौटकर आते हैं तब तक उनकी बाइक चोरी हो जाती है। हर साल कई बाइकें मैरिज गार्डनों के बाहर से चोरी होती हैं। कुछ मैरिज गार्डनों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और बाइक चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो जाती हैं लेकिन चोर नहीं पकड़े जाते हैं। जब बाइक चोरी हो जाती है तब वाहन मालिक को सड़क पर बाइक पार्क करने का पछतावा होता है।

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