देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। आस्था का सैलाब उमड़ने को तैयार है। भगवान श्री सांवलिया सेठ के भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ‘शिलान्यास’ पर पहुँच चुकी है। कल यानी 14 मई को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम से पूर्व, आज मुख्य यजमान द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान और शुद्धिकरण की प्रक्रिया संपन्न की गई। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ठाकुर राम सिंह शक्तावत इस ऐतिहासिक कार्य के मुख्य यजमान हैं। आज आचार्य दुर्गा शंकर शर्मा और विद्वान पंडितों के सानिध्य में उन्होंने सपरिवार धार्मिक कर्मकांडों की शुरुआत की। इस पावन अवसर पर ठाकुर राम सिंह शक्तावत को सपत्नीक ‘दस विधि स्नान’ करवाया गया, जो किसी भी बड़े यज्ञ या शिलान्यास से पूर्व अत्यंत अनिवार्य माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार संपन्न हुए इन स्नानों में शामिल रहे भस्मी और पवित्र मृतिका स्नान गोमय और पंचगव्य स्नान, गौ रज और धान्य स्नान, फल, सर्वोषधि, कुषोधक और अंत में हिरण्य स्नान, स्नान के पश्चात यजमान को प्रायश्चित संकल्प दिलाया गया और पूरे विधि-विधान के साथ यज्ञोपवीत धारण करवाया गया। आपको बता दें कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या भी है। मुख्य यजमान ठाकुर राम सिंह शक्तावत बीते 9 मई से, जब देवली में पवित्र शिला का आगमन हुआ था, तब से लगातार उपवास पर हैं। वे केवल फलाहार ग्रहण कर रहे हैं और कल 14 मई को शिलान्यास संपन्न होने तक उनका यह व्रत जारी रहेगा। पूरा क्षेत्र अब उस घड़ी का साक्षी बनने के लिए उत्साहित है जब सांवलिया सेठ के दरबार की नींव रखी जाएगी। विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार और भक्तों की अटूट श्रद्धा के बीच यह मंदिर आने वाले समय में आस्था का एक बड़ा केंद्र बनेगा।




