लोग अपने मुनाफे के लिए अब फलों और सब्जियों में ज़हर परोस रहे है,एक छोटी सी चाइनीज पुड़िया कैसे 400 टन आमों को रोज पका देती है देखिए????

@रिपोर्टर-बृजेश भारद्वाज,देवली

 

केमिकल से पक रहे आम, ‘चीनी पुड़िया’ बन रही बीमारी का कारण…….

फलों के राजा आम को जल्दी पकाने और आकर्षक रंग देने के लिए बाजारों में खुलेआम केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सांगानेरी गेट और मुहाना मंडी में एथिलीन रिपनर नामक ‘चीनी पुड़िया’ से रोजाना करीब 400 टन आम पकाए जा रहे हैं। यह केमिकल आम के रंग, रूप और स्वाद को बदल देता है, लेकिन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार मंडियों में प्लास्टिक क्रेट और कागज के डिब्बों में आमों के बीच एथिलीन रिपनर की पुड़िया रखी जा रही है। एक पुड़िया लगभग 10 किलो आम पकाने में इस्तेमाल होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केमिकल सीधे फलों के संपर्क में नहीं आना चाहिए, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार ऐसे केमिकल से पके आम खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त, डायरिया और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि एथिलीन रिपनर को सीधे फलों के साथ रखना पूरी तरह असुरक्षित है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि बाजार से आम लाने के बाद पहले उन्हें नमक वाले पानी से धोएं और कुछ समय साफ पानी में रखें, ताकि सतह पर मौजूद रसायन हट सके। इसके बाद ही आमों का सेवन करें। जानकारी के अनुसार मुहाना मंडी में दक्षिण भारत से रोजाना 200 टन सफेदा आम पहुंच रहा है, जबकि गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी मात्रा में आम की आवक हो रही है। व्यापारियों द्वारा कच्चे आमों को जल्दी पकाने के लिए इन केमिकल पुड़ियों का उपयोग किया जा रहा है।टोंक जिले में भी इसी प्रकार से आम को पकाया जा रहा है वही आम धड़ल्ले से मार्केट में सफ्लाई किया जा रहा है। खाद्य विभाग द्वारा इनकी जांच होनी चाइये।

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