देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शनिवार को सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा की पूर्णाहुति हुई इससे पूर्व कथा वाचक पण्डित तुलसी राम शास्त्री ने भागवत कथा की महिमा का वर्णन किया उन्होंने राजा मोरध्वज द्वारा अतिथि धर्म निभाते हुए अपने पुत्र को आरे से चीरने की मार्मिक कथा विस्तार से सुनाई। उन्होंने द्वारका नगरी में भगवान कृष्ण के परिवार जन यदुवंशीयो का अन्त होने और कृष्ण बलदेव जी के परम ब्रह्म धाम जाने की कथा सुनाई। भगवान दत्तात्रेय जी की कथा सुनाई और बताया कि उन्होंने 24गुरु बनाकर सभी प्राणियों को समान रूप से देखा। भस्मासुर की कथा विस्तार से सुनाई । राजा परीक्षित को तक्षक नाग डसने पर भी भागवत जी के प्रभाव से उसकी मोक्ष हुई भागवत कथा मोक्षदायिनी है अन्त में भागवत महापुराण महात्म्य सुनाया और पूर्णाहुति हुई।सभी भक्तों ने भागवत जी की आरती हुई और प्रसाद भंडारे का आयोजन हुआ।कार्यक्रम में मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने शिरकत की।





