देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। अम्बापुरा कॉलोनी स्थित मुक्तिधाम (शमशान घाट) इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। मानसून की शुरुआत होते ही मुक्तिधाम परिसर तालाब में तब्दील हो चुका है। चारों तरफ फैली गंदगी, जलजमाव और घुटनों तक गहरे कीचड़ के कारण स्थानीय निवासियों और शवयात्रा में आने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
* अंतिम विदाई में भी मुश्किलें….
हाल ही में कॉलोनी में हुई एक मृत्यु के बाद जब परिजन शव को लेकर मुक्तिधाम पहुंचे, तो उन्हें मुख्य द्वार से लेकर दाह संस्कार स्थल तक जाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कीचड़ इतना ज्यादा है कि पैर फिसलने और दुर्घटना होने का डर लगातार बना रहता है। शवयात्रियों को मजबूरन कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
* जल निकासी का अभाव…..
मुक्तिधाम परिसर में पानी की निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है, जिससे जरा सी बारिश में ही पानी जमा हो जाता है। मुख्य मार्ग से लेकर टीन शेड तक का रास्ता पूरी तरह कच्चा और कीचड़ से सना हुआ है।





