देवली में बस स्टैंड और उप जिला चिकित्सालय को शहर से बाहर ले जाने का विरोध, व्यापारियों व आमजन की पीड़ा मंत्रियों तक पहुंची।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर के वर्तमान बस स्टैंड और प्रस्तावित उप जिला चिकित्सालय को शहर से बाहर स्थापित किए जाने की चर्चाओं ने व्यापारियों, आमजन और जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है। व्यापारियों का कहना है कि यदि दोनों प्रमुख सुविधाएं शहर से बाहर चली गईं तो इसका सीधा असर देवली की आर्थिक गतिविधियों, आमजन की सुविधा, मरीजों की पहुंच और महिलाओं की सुरक्षा पर पड़ेगा। इसी को लेकर श्री व्यापार महासंघ, भाजपा पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर शहर की भावनाओं और पीड़ा से अवगत कराया। देवली की पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रेखा जैन, पूर्व उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौधरी, संजय जैन, भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणावत, श्री व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल सहित भाजपा पदाधिकारियों एवं व्यापार महासंघ के सदस्यों ने टोंक जिला प्रभारी मंत्री व ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, जलदाय एवं भूजल विभाग के कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी तथा स्थानीय विधायक राजेंद्र गुर्जर से मुलाकात कर मामले को गंभीरता से उठाया। ज्ञापन में बताया गया कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा देवली बायपास पर नई कृषि मंडी के समीप बस स्टैंड के लिए भूमि प्रस्तावित की गई है, जो शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर स्थित है। व्यापारियों ने कहा कि प्रस्तावित स्थान दिन में भी सुनसान रहता है और रात्रि के समय वहां आमजन का आवागमन असुरक्षित माना जाता है। विशेष रूप से महिलाओं, छात्राओं, बुजुर्गों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। व्यापारियों ने यह भी कहा कि कृषि उपज मंडी के शहर से बाहर जाने के बाद शहर का व्यापार पहले ही प्रभावित हुआ है। अब यदि बस स्टैंड भी बाहर चला गया तो छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और रोजमर्रा के व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका कहना था कि बस स्टैंड शहर की आर्थिक धड़कन है और इसे शहर से बाहर ले जाना देवली के व्यापारिक ढांचे को कमजोर करने जैसा होगा। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने उप जिला चिकित्सालय को भी शहर से बाहर स्थापित किए जाने पर गहरी चिंता जताई। व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों का कहना था कि अस्पताल जैसी अत्यंत आवश्यक सुविधा शहर के भीतर ही होनी चाहिए, ताकि मरीजों, महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन स्थिति में लोगों को तत्काल उपचार मिल सके। यदि अस्पताल शहर से दूर स्थापित किया गया तो आमजन को उपचार के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और सुविधा दोनों प्रभावित होंगे। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि वर्तमान बस स्टैंड को यथावत रखा जाए तथा उप जिला चिकित्सालय के लिए एजेंसी एरिया स्थित जयपुर हाउस की भूमि का उपयोग किया जाए। बताया गया कि यह स्थान करीब 9 बीघा से अधिक क्षेत्रफल में फैला हुआ है तथा उसके दोनों ओर कई फीट चौड़ी सड़कें हैं, जिससे भविष्य में यातायात और मरीजों की आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने तत्काल जिला कलेक्टर टीना डाबी से दूरभाष पर वार्ता कर स्थानीय व्यापारियों की पीड़ा एवं भाजपा पदाधिकारियों की मांग से अवगत कराया। साथ ही शहर में ही बस स्टैंड और उप जिला चिकित्सालय के लिए उपयुक्त स्थानों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने आश्वस्त किया कि शहर की जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड को यथावत रखने तथा उप जिला चिकित्सालय के लिए शहर में ही उपयुक्त स्थान का सर्वे कर भूमि आवंटन संबंधी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इस दौरान उमाशंकर खूंटेटा, यज्ञेश दाधीच, नवीन ग्वाला, सुनील सेठी,शिवराज बाऊजी, प्रमोद मंगल, आशीष पंचोली,सुमित गौतम, दिनेश जैन,राकेश ओसवाल सहित अनेक व्यापारी एवं भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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