देवली/टोंक:-(बृजेश भारद्वाज)। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EWS) के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ‘EWS जन जागृति मंच’ द्वारा आगामी 27 जुलाई 2026, सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रातः 11:00 बजे से अग्रवाल धर्मशाला, टोंक में आयोजित होगा। मंच के संयोजक धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ व कुलदीप सिंह राजावत(बंथली) ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य EWS वर्ग के हितों की रक्षा के लिए सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखना है। मंच ने सरकार से निम्नलिखित 7 सूत्रीय प्रमुख मांगें की हैं: राजस्थान मॉडल लागू हो: केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान मॉडल के अनुरूप ही आरक्षण व्यवस्था को पूरे देश में लागू किया जाए। आय सीमा का सरलीकरण: EWS पात्रता का एकमात्र आधार ₹8 लाख वार्षिक पारिवारिक आय को माना जाए तथा भूमि एवं संपत्ति पर आधारित सभी शर्तों को पूरी तरह समाप्त किया जाए। महिलाओं के लिए आय विसंगति दूर हो: महिलाओं के लिए आय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए। इसके तहत अविवाहित महिला के लिए केवल पिता की आय और विवाहित महिला के लिए केवल पति की आय को आधार माना जाए। संपत्ति संबंधी शर्तें समाप्त हों: EWS पात्रता से जुड़ी भूमि, भवन एवं संपत्ति संबंधी सभी शर्तों को पूर्णतः समाप्त किया जाए। छात्रवृत्ति योजनाओं में शामिल करने की मांग: राजस्थान की तर्ज पर केंद्र सरकार की भी सभी छात्रवृत्ति एवं शैक्षणिक सहायता योजनाओं में EWS वर्ग को शामिल किया जाए। स्थानीय चुनावों में आरक्षण: पंचायतीराज संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों के चुनावों में अन्य आरक्षित वर्गों (OBC, SC, ST एवं SBC) की भांति EWS वर्ग को भी आरक्षण प्रदान किया जाए। प्रमाण पत्र की वैधता बढ़े: EWS प्रमाण पत्र की वैधता अवधि को वर्तमान एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष किया जाए। संयोजक धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने EWS वर्ग के सभी प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अग्रवाल धर्मशाला टोंक पहुँचकर इस मंच को मज़बूती प्रदान करें।







