देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। सरस्वती मल्टी प्रोग्रेसिव कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार जैन ने जयपुर स्थित स्टार्टअसकोर सॉल्यूशंस एलएलपी के संचालकों के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जहाजपुर की अदालत में परिवाद पेश किया है। परिवाद के अनुसार प्रार्थी का कॉरपोरेट कार्यालय हनुमान नगर, भीलवाड़ा तथा पंजीकृत कार्यालय देवली में है। आरोप है कि 14 अक्टूबर 2025 को बंछूलाल सैनी ने फोन कर स्वयं को स्टार्टअसकोर कंपनी का संचालक बताते हुए आईस्टार्ट राजस्थान अनुदान योजना के तहत 85 लाख रुपये की बीज-निधि दिलाने का भरोसा दिलाया।परिवाद में आरोप लगाया गया है कि बंछूलाल सैनी सहित अंकिता यादव, ऐश्वर्या खत्री, रोहन शर्मा, प्रियांशु, हितेश जेमन, दिनेश कुमार और यश उपाध्याय ने षड्यंत्रपूर्वक प्रार्थी को विश्वास में लिया। शुरुआत में अग्रिम राशि के नाम पर 10 हजार रुपये का चेक लिया गया। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में 10 दिसंबर 2025 से 19 मार्च 2026 तक कुल 3 लाख 12 हजार 360 रुपये लिए गए।परिवाद में 80 आईएसी प्रमाण-पत्र के नाम पर 25 हजार रुपये तथा वस्तु एवं सेवा कर और 1.40 लाख रुपये का शुल्क मांगे जाने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा 85 लाख रुपये की निधि शीघ्र मिलने का आश्वासन दिया गया। बाद में 2 लाख रुपये और मांगे गए, जो 22 मार्च 2026 को दिए जाने की बात परिवाद में कही गई है।आरोप है कि इसके बाद भी निधि की राशि नहीं आई। परिवादी द्वारा राशि वापस मांगने पर कथित रूप से धमकाने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।परिवादी के अनुसार उसने 26 जुलाई को हनुमान नगर थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने परिवाद में वर्णित तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2), 316(2), 318(4), 336, 337, 338 और 339 के तहत प्रथम दृष्टया अपराध मानते हुए हनुमाननगर थाना पुलिस में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी हैं।





