देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैही वसल्लम की यौमे पैदाइश पर शाही जामा मस्जिद के चौक भिश्ती मोहल्ला में “जलसा ए सीरतुन्नबी”प्रोग्राम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के मुफ़्ती महफ़ूज़ तहसीनी रहे और विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड से पधारे हाफ़िज़ कारी नावेद बरकाती रहे। शाही इमाम अमान रज़ा वासती ने रहमतुल आलमीन हुजूर अकरम सल्लाहु अलैही वसल्लम की जीवनी पर रौशनी डाली और उनके आदर्शों का हर हाल में पालन करने का पैग़ाम दिया। देवली शाही जामा मस्जिद के नायब इमाम साकिब रज़ा मदनी ने हज़रत मुहम्मद सल्लाहु अलैही वसल्लम के बारे में बताया कि नबी ए करीम जश्न नहीं एक मिशन लेकर दुनियां में आए थे! दया,करुणा, समानता, एकता के संदेशवाहक बन कर दुनियां आए थे। प्रोग्राम में छोटे बच्चों ने हुज़ूर पर नाते पाक पढ़ी, जलसे में आए मेहमानों को दाद देने पर मज़बूर कर दिया। जलसे का समापन दुआ ए ख़ास के साथ सम्पन्न हुआ! जिसमें वतन की खुशहाली, अच्छी वर्षा, बेहतर अर्थव्यवस्था, शांति अमन, विश्व कल्याण की दुआ की गई। इस दौरान समाज के मोअज्जिज लोगो के साथ साथ आम मुस्लिम आवाम उपस्थित रही। उक्त जानकारी समाज के प्रवक्ता मोहम्मद इदरीस,हारून अंसारी, मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के सदर अख़्तर खान ने दी।




