एक स्वास्थ्य, एक मिशन’ अभियान के तहत कृषि महाविद्यालय में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित।
देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय, देवली में आज ‘एक स्वास्थ्य, एक मिशन’ अंतर-संस्थागत जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के बीच आपसी संबंधों के प्रति जागरूक करना तथा पशुधन स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला में पशु चिकित्सा विभाग के विशेषज्ञ डॉ. रश्मि मिश्रा, डॉ. ऋषिकेश अंबादास कांटले एवं डॉ. आकाश बालासाहेब मोटे ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। विशेषज्ञों ने ‘एक स्वास्थ्य’ की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मानव, पशु एवं पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से पशुधन से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी सरोकारों तथा पशुओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक किया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को पशुधन स्वास्थ्य प्रबंधन, रोगों की रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण, जैव-सुरक्षा तथा पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पशुधन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान एवं उचित प्रबंधन के बारे में भी विस्तार से समझाया। कार्यशाला के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. दया शंकर मीणा, चेतना सिंदल एवं राजू लाल धाकड़ ने विद्यार्थियों के साथ प्रशिक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करते हुए उन्हें विभिन्न प्रक्रियाओं एवं गतिविधियों को समझने में सहयोग प्रदान किया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान उन्हें ‘एक स्वास्थ्य’ की अवधारणा को व्यावहारिक रूप से समझने तथा पशु, मानव एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य के बीच संबंधों को बेहतर ढंग से जानने का अवसर मिला। कार्यक्रम में महाविद्यालय के एसोसिएट डीन डॉ. अंकित चोकड़ीवाल सहित महाविद्यालय के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. बी. एस. मीणा, डॉ. आर. सी. सावल, डॉ. किन्कर सिंह, शिव शंकर चौहान, अंशु सक्सेना, मनु कुमार सेन, चन्द्र प्रकाश शर्मा, अविनाश जांगिड़ एवं सोहन यादव की भी उपस्थिति रही। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में मानव-पशु-पर्यावरण के समन्वित स्वास्थ्य दृष्टिकोण के प्रति जागरूकता विकसित हुई। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा तथा उन्हें पशुधन स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण एवं स्वस्थ पर्यावरण के महत्व को समझने का अवसर मिला।








