देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। परम पूज्य पट्टाचार्य श्रमण रत्न आचार्य 108 विशुद्ध सागर जी मुनिराज के प्रभावक,आज्ञानुवर्ती शिष्य श्रमण रत्न मुनि 108 श्री प्रणीत सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक 105 श्री विधेय सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास के लिए 3जुलाई गुरुवार को धर्मनगरी देवली में भव्य मंगल प्रवेश होगा। णमोकार मण्डल के सदस्य धर्मचन्द साँडला एवं ओमप्रकाश टोरडी ने बताया की मुनि संघ सावर से 2जुलाई को मध्यान में 2.15बजे सावर से देवली के लिए मंगल विहार हुआ।
मुनि संघ विहार कर के लगभग देवली से 10-5 किलोमीटर की दूरी पर रात्रि विश्राम करेंगे एवं प्रातः 7 बजे वहाँ से विहार कर के 7:30 बजे धर्मनगरी देवली में चातुर्मास के लिए प्रवेश करेंगे!
मुनि संघ के प्रवेश को लेकर चातुर्मास कमेटी द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है, जगज जगह स्वागत द्वार, रंगोली बना के एवं श्रावको द्वारा मुनि संघ का पादप्रक्षालन किया जाएगा। मुनि संघ जहाजपुर चुंगी नाके से सदर बाजार होते हुए, चन्द्रपभु मंदिर, महावीर मन्दिर से मुख्य बाजार से होते हुए विवेकानंद कॉलोनी शांतिनाथ भगवान मन्दिर के दर्शन करते हुए चातुर्मास स्थल पार्श्वनाथ धर्मशाला विवेकानंद कॉलोनी पहुंचेंगे जहा विशाल धर्मसभा को सम्बोधित करेंगे।
प्रचार प्रसार समिति के विकास टोरडी ने बताया की मुनि संघ में श्रमण रत्न मुनिश्री 108 प्रणीत सागर जी महाराज एवम क्षुल्लक105 श्री विधेय सागर जी महाराज सम्मिलित है। मुनि संघ के स्वागत में सकल दिगम्बर जैन समाज जहाजपुर चुंगी नाके से जुलूस के रूप में चलेगा, सभी मंदिरों के अध्यक्ष एवं चातुर्मास कमेटी मुनि संघ की आगवानी करेंगे। यह चातुर्मास आयोजन अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज के द्वारा आयोजित होगा।



