पूर्व विधायक को बीसलपुर बांध परियोजना देवली की भराव क्षमता बढ़ाने के विरोध में सौंपा ज्ञापन।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति द्वारा पूर्व विधायक व विधानसभा उपाध्यक्ष रामनारायण मीणा को बीसलपुर बांध परियोजना देवली की भराव क्षमता बढ़ाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में बताया गया ह की पूर्व में टोंक जिले की देवली तहसील में बीसलपुर बांध को राज्य सरकार के द्वारा बनाया गया था। जिसमें पेयजल व सिंचाई हेतु बांध की भराव क्षमता 315.50 आर.एल.मीटर रखते हुऐ बांध के डूब क्षेत्र में आये विस्थापितो को आबादी का मुआवजा 316.40 आर.एल. मीटर तक कर दे दिया गया है।

डूब क्षेत्र के पास बीसलपुर परियोजना द्वारा पुनर्वास निति के तहत आवासीय कॉलोनिया व सिवायचक भूमि में भूमि का आवंटन कर दिया गया व आवास हेतु सभी मूलभूत सुविधाएँ पुनर्वास विस्थापित कॉलोनियो का मुहैया करवा दिया गया। बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढाई जाने पर विस्थापित कॉलोनिया व आवंटन की गई भूमि पानी में डूब जायेगी। जिससे पुनर्वास एवं आवंटन की वर्तमान मे केन्द्र सरकार के नये नियम के तहत व पुनर्वास निति के तहत ना ही तो भूमि आवंटन की जायेगी और ना ही पुनर्वास निति के तहत आवासीय कॉलोनी देने का प्रावधान है। बीसलपुर बांध की भराव क्षमता 315.50 आर.एल. मीटर यथावत रखी जावे। क्योंकि इसको ERCP CANAL द्वारा बीसलपुर बांध को जोडा जा रहा है। इस कारण प्रयाप्त मात्रा में पेयजल व सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध हो जायेगा। बीसलपुर बांध के विस्थापितो की पुनर्वास कॉलोनिया, छुटी हुई सम्पत्ति का मुआवजा, भूमि का आवंटन, भूमि आवंटन का अन्यत्र स्थानान्तरण, जो विस्थापित जिनका कीमतन चालान जमा नहीं करवा पाये उनको भूमि आवंटन करने, व भूमि आवंटन से वंचित विस्थापितो की तिथि बढाने इत्यादि कार्य बीसलपुर परियोजना पुनर्वास निति के तहत आज दिन तक प्रक्रियाधीन है जो पूर्ण नहीं हुआ है, उसे पूरा किया जावे।

भूमि आवंटन हेतु आवेदन की तिथि बढाई जावे। बीसलपुर बाघ पुनर्वास नीति के तहत भूमि आवंटन अधिकतम 1.62 है। विस्थापित्तो को सरकार द्वारा आवंटन की जाती है जबकि काश्तकार जिनकी भूमि 1.62 है० से कई ज्यादा बीसलपुर परियोजना में दूब गई है। उनकी जितनी भूमि डूबी गई उनको उतनी भूमि का रकबा आवंटन किया जावे। बीसलपुर बांध के निर्माण के समय विस्थापितों से राज्य सरकार का समझौता हुआ था जिसमें बीसलपुर बांध के विस्थापितो के पीने का पानी, व उनकी शेष भूमि में नहर द्वारा सिंचाई करने का वादा किया गया था जो आज दिन तक पूर्ण नहीं हुआ है। विस्थापितों के साथ अध्यक्ष मुकुंद सिंह राणावत, यादराम मीणा, राजबहादुर वर्मा व सत्यनारायण सरसडी समेत अन्य लोगो ने कहा कि बिसलपुर बांध परियोजना में भूमि आवंटन वर्तमान में तहसील रिपोर्ट में भूमि चरागाह से बारानी व अन्य प्रकार की रिपोर्ट पाई जाने के कारण भूमि अवाप्ति अधिकारी भूमि आवंटन नहीं कर रहा है। जिसके राज्य सरकार द्वारा दिशा निर्देश हेतु प्रकरण प्रक्रियाधीन है। उसको आदेश कर भूमि आवंटन की जावे क्योंकि अब बीसलपुर परियोजना विस्थापितो हेतु आरक्षित भूमि इसी प्रकार की है। बीसलपुर बांध परियोजना के पैरा नं० 1 ता 7 तक उपरोक्त कार्य आज दिन तक बीसलपुर परियोजना द्वारा पूरा नहीं किया गया है। पहले इसको पूरा किया जावे। अतः सांसद महोदय/विधायक से निवेदन किया है कि संसद व विधानसभा में आप उक्त प्रकरण का प्रश्न उठाकर भराव क्षमता नहीं बढ़ाने हेतु केन्द्र व राज्य सरकार में विस्थापितो के जन हेतु मुद्दा उठाने की कृपा करे

इस दौरान अध्यक्ष मुकुंद सिंह राणावत कालू कुमावत, विजयलक्ष्मी, यादराम मीणा, बंशी बोयडा, उदय लाल कीर, धनराज मीणा, राम सिंह मीणा,नोरत खींची, जय किशन मीणा, डॉक्टर प्रहलाद मीणा,(पूर्व सरपंच) राजबहादुर, हरलाल मीणा,कुलदीप मीणा, सतीश वर्मा,राजेंद्र सैनी,सत्यनारायण गुर्जर समेत लोग मौजूद रहे।

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