देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में आवारा कुत्तों के काटने की घटना कम नहीं हो रही है। आए दिन किसी ना किसी मोहल्ले में बच्चों, महिलाओं या बुजुर्ग पर हमले की खबर सामने आ जाती है। मोहल्ले के परिसर, पार्क, पार्किंग या फिर बेसमेंट में अचानक कुत्ते हमला कर देते हैं। जिससे राहगीर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इन घटनाओं की वजह से रास्ते से गुजरने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। आवारा कुत्ते राहगीरों व छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर देते हैं। इनमें से कई लोग हाल ही में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
ये आवारा कुत्ते अब रोजाना स्थानीय लोगों को काटते हैं और बच्चों का पार्क में खेलना और महिलाओं और पुरुषों का अपने मोहल्ले के परिसर में भी टहलना मुश्किल हो रहा है। कोई भी इंसान इन आवारा कुत्तों का दुश्मन नहीं है, लेकिन जब बात छोटे बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों या अपने परिवार के किसी सदस्य की जान जोखिम में डालने की आती है तो ये सोचनीय प्रश्न बन जाता है अतः प्रशासन को इन आवारा कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर विचार करना चाइये अथवा पकड़ना चाइये। गौरतलब है कि शहर के पटेल नगर,विवेकानंद कॉलोनी,एजेंसी एरिया गुर्जर मोहल्ला व जयपुर रोड स्थित प्रताप नारायणी नगर में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। इंसान को देखते ही इन कुत्तों के लार टपकने लगती है शिकार करने की आदत हो गई है। इस गंभीर विषय पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि आमजन को कुत्तों के भय से मुक्ति मिल सके।



