मरकर भी नेत्रहीनों को दुनिया देखने की शक्ति दे गई बहन मीनाक्षी शर्मा।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। जो मर कर भी दूसरो को जीवन दे जाएं वह इंसान ही नहीं ,इंसान से बढ़कर है ऐसा ही पुण्य कार्य हमारे गांव की बेटी मीनाक्षी शर्मा पुत्री रमेश शर्मा सांडला वाले दुर्गापुरा ढाणी दूनी जिला टोंक ने कर दिखाया है बहिन मीनाक्षी ने महिला दिवस पर अपने महिला होने का फर्ज निभा कर अपनी दोनों आंखें दान कर दी। बहिन मीनाक्षी की आकस्मिक मृत्यु कोटा में हो गई जहां उसके परिजनों ने उसकी अंतिम इच्छा के अनुसार आई बैंक में उसकी आंखे दान कर दी।और उसकी आंखों का आफ़रेशन भी सफल हो गया। अब बहिन मीनाक्षी की आंखे दो लोगों का सहारा बनेगी और वह मर कर भी इस दुनिया को उन दो लोगों के सहारे देख सकेगी।ईश्वर मीनाक्षी को अपने चरणों में स्थान दे।और सभी लोगों के बहिन मीनाक्षी से प्रेरणा लेनी चाहिए कि मरने के बाद अपनी आंखे अगर किसी का सहारा बने तो इससे बड़ा पुनीत कार्य कोई हो नहीं सकता।दूसरे मरने के बाद तो मिट्टी ही होना है तो क्यों ना हम अपनी आंखे दान करे।शत शत नमन।

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