@(बृजेश भारद्वाज)…….
जैसे जैसे तामपान बढ़ेगा कुछ लोग पागल टाइप हो जाएंगे, गाड़ी खड़े करने,ओवरटेक करने,जीमण में साथ नही ले जाने जैसे मामूली बातों पर झगड़ा या हत्या कर देंगे ! बिहार में सत्तू विक्रेता के सामने ऑटो खड़ा करने पर सिर कलम कर दिया बाद में भीड़ ने उसे मार डाला तो कहीं बाइक ओवर टेक होने पर युवक ने पति पत्नी को गोली मार दी,सावधान रहे अनावश्यक बहस में ना पड़े प्रशासन के भरोसे कतई ना रहे केवल पंचनामा भरने आएंगे ! सैंकड़ो की संख्या में इंसानी वेश में जानवर घूम रहे है जिनमे की कोई पत्नी पीड़ित कोई अपने मां बाप परिवार से कोई काम काज से या कोई किसी की राजनीतिक ईर्ष्या से आहत एवं पीड़ित डिप्रेशन के शिकार जिनको पूर्ण रूप से पागल भी नही कहे जा सकते मगर पागलों से कम भी आंकना ठीक नही होगा। ऐसे लोग सड़को पर खुले घूम रहे है जो कि अन्य लोगो व सामाजिक वातावरण को दूषित कर मानसिक वेदना का कारण बन रहे है। उनका काम केवल अनावश्यक बहस कर दुसरो का समय व माहौल खराब करना होता है। जबकि लोग उनकी उपस्थिति से सहज महसूस नही करते व इनसे पिंड छुड़ाने की कोसिस करते है मगर सनकी लोग जबरदस्ती दुसरो के ऊपर नाग की भांति कुंडली मारकर डेरा डाले रहते हैं वही सरीफ लोगो की मजबूरी हो जाती है उनको झेलना। इसलिए किसी ऐसे व्यक्ति से अनावश्यक बहस ना करे अपने काम से काम रखे आपकी बहस किसी के भी डिप्रैशन को ट्रिगर कर सकती है 18 से 26 आयु वर्गों से दूर रहे बाप की गाड़ी और 4 दोस्त गाड़ी में बैठा कर गैंगस्टर वाला वाइब लेंगे पर होंगे कतई चिरकुट,मेडिटेशन करे अपनी हॉबीज को समय दे खुद को ठंडा रखें। अगर आपका कोई करीबी युवा भी अवसाद में है, तो उसे डॉक्टर से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। कई मामलों में, अवसाद के इलाज के लिए युवाओं को डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद की ज़रूरत होती है।






