देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। ग्राम पंचायत बंथली में नव-निर्मित श्री गणेश जी महाराज मंदिर में एक भव्य एवं श्रद्धापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समस्त ग्रामवासी, गणमान्य नागरिक एवं शकल पंच उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बंथली के सरपंच श्याम सिंह राजावत की विशेष भूमिका एवं नेतृत्व देखने को मिला जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से मंदिर निर्माण कार्य को पूर्णता प्राप्त हुई। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं भगवान श्री गणेश जी महाराज के अभिषेक के साथ हुई। वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक वातावरण के बीच ग्रामवासियों ने भगवान गणेश जी से ग्राम की सुख-समृद्धि, शांति एवं उन्नति की कामना की। इस अवसर पर सरपंच श्याम सिंह राजावत द्वारा भगवान श्री गणेश जी महाराज को बालभोग एवं लड्डू का प्रसाद अर्पित किया गया, जिसे बाद में उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। मंदिर निर्माण कार्य में कैलाश चंद जिपारीक,अशोक जैन एवं रमेश सिंह सोलंकी का विशेष योगदान रहा।
इन सभी के द्वारा संपूर्ण निर्माण कार्य अत्यंत ईमानदारी, निष्ठा एवं समर्पण भाव के साथ संपन्न करवाया गया, जिसकी ग्रामवासियों द्वारा खुलकर सराहना की गई। उनके अथक प्रयासों एवं सेवाभाव के कारण मंदिर निर्माण कार्य समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण हो सका। कार्यक्रम के दौरान मंदिर निर्माण से संबंधित संपूर्ण आय-व्यय एवं हिसाब-किताब भी पूर्ण पारदर्शिता के साथ ग्रामवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सरपंच राजावत ने सभी ग्रामवासियों, भामाशाहों एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि ग्राम की आस्था, एकता एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने भविष्य में मंदिर परिसर के विकास, सौंदर्यीकरण एवं धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा की। ग्रामवासियों ने सरपंच श्री श्याम सिंह राजावत के नेतृत्व, कार्यशैली एवं पारदर्शी व्यवस्था की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उनके प्रयासों को ग्राम हित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। पूरे ग्राम में आज हर्ष, उल्लास एवं धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। महिलाओं, बुजुर्गों एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक आयोजन को सफल बनाया। यह आयोजन ग्राम बंथली के लिए एक गौरवपूर्ण एवं यादगार क्षण बन गया, जिसने ग्रामवासियों की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता एवं आपसी भाईचारे को और अधिक मजबूत करने का कार्य किया।





