देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। सरकार की शिक्षा नीतियों में विसंगतियों और निजी शिक्षण संस्थानों के प्रति कथित गलत नीतियों के विरोध में बुधवार को देवली-दूनी क्षेत्र के निजी स्कूल संचालकों और शिक्षकों का आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र के स्कूल संचालक और शिक्षक देवली में एकत्रित हुए और एक विशाल जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय पहुँचे। पूरे जोश और नारेबाजी के साथ निकाले गए इस जुलूस के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। निजी स्कूल संगठन के अध्यक्ष लोकेश जैन (देवली) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में सरकार से मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है: RTE (शिक्षा का अधिकार) का बकाया भुगतान: आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की रुकी हुई पुनर्भरण राशि (पेमेंट) का तुरंत भुगतान किया जाए। शिक्षा संबल योजना में नाजायज हस्तक्षेप पर रोक: इस योजना के नाम पर निजी स्कूलों के कामकाज में किए जा रहे अनुचित और प्रशासनिक हस्तक्षेप को तुरंत बंद किया जाए Pre-Primary कक्षाओं का RTE पैसा: आरटीई के अंतर्गत आने वाली प्री-प्राइमरी (पूर्व-प्राथमिक) कक्षाओं के लिए भी सरकार नियमानुसार राशि का भुगतान सुनिश्चित करे। अध्यक्ष लोकेश जैन ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थान राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन सरकार की कुछ नीतियां और बेवजह का हस्तक्षेप स्कूलों के संचालन में बाधा बन रहा है। यदि सरकार ने इन जायज मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जुलूस और ज्ञापन देने के दौरान देवली व दूनी क्षेत्र के सैकड़ों शिक्षक, शिक्षिकाएं और स्कूल संचालक उपस्थित रहे।






