देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। कौमी एकता मंच, देवली ने उपखंड अधिकारी देवली को ज्ञापन सौंपकर आगामी 8 अगस्त 2026 को मोहर्रम (ताजिया) जुलूस निकालने की स्वीकृति देने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि 8 अगस्त को जुलूस की अनुमति नहीं दी गई, तो 4 अगस्त से उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन अनशन व धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
कौमी एकता मंच के अध्यक्ष रामसिंह शक्तावत के सानिध्य में उपखंड अधिकारी को पत्र सौंपकर बताया कि गत 27 जुलाई 2026 को पवन कुमार नामा और असलम के संयुक्त आवेदकों के रूप में शहर में मोहर्रम जुलूस निकालने की अनुमति मांगी गई थी। आरोप है कि स्थानीय पुलिस थानाधिकारी और पुलिस उपअधीक्षक (डीएसपी) ने यह कहते हुए स्वीकृति देने से इनकार कर दिया कि “40वीं की मोहर्रम पहले कभी नहीं निकाली गई और पहली बार निकाली जा रही है, इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती।” मंच ने पुलिस प्रशासन के इस तर्क को गैर-संवैधानिक और देवली की सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब के विपरीत बताया है। कौमी एकता मंच का मानना है कि देवली में हमेशा से शांतिपूर्ण और भाईचारे का माहौल रहा है। गणेश विसर्जन यात्रा हो या कावड़ यात्रा, मुस्लिम समाज आगे बढ़कर पुष्पवर्षा कर स्वागत करता है। पूर्व की भांति हिंदू समाज भी मोहर्रम के जुलूस का स्वागत करता आ रहा है। आगामी 8 अगस्त को निकाला जाने वाला जुलूस भी हिंदू और मुस्लिम समुदाय द्वारा संयुक्त रूप से निकाला जाना प्रस्तावित है। जब देवली शहर में हिंदुओं की कई नई शोभायात्राओं और जुलूसों की अनुमति पिछले कुछ वर्षों में दी गई है, तो मोहर्रम के लिए रोक क्यों लगाई जा रही है? मंच का कहना है कि इस जुलूस में मुस्लिमों से अधिक संख्या में हिंदू भाई शिरकत करेंगे और स्वागत करेंगे। कौमी एकता मंच ने प्रशासन पर आमजन के बीच दूरी पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश का मूल संदेश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की ऐसी नीतियों से जनता का विश्वास उठता है। मंच ने मांग की है कि प्रशासन 8 अगस्त के जुलूस की स्वीकृति तुरंत जारी करे। यदि स्वीकृति नहीं दी जाती है, तो 4 अगस्त 2026 से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना और अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उपखंड प्रशासन की होगी।








