देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर स्थित विवेकानन्द कॉलोनी पार्श्वनाथ धर्मशाला में चल रहे स्मृति परिवर्तन 2025 के तहत 11जुलाई को वीर शासन जयंती महामहोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। चातुर्मास कमेटी के महामंत्री घीसालाल जैन(खेड़ा वाले) एवं नेमीचंद जैन(साँडला) ने बताया की वीरशाशन जयन्ती के दिवस उपलक्ष्य में प्रथम सत्र मे चातुर्मास स्थल पर ही श्रमण मुनि श्री 108 प्रणीत सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रातः कालीन सत्र में समारोह का आयोजन हुआ
जिसमें सभी श्रावकों द्वारा मुनि श्री को जिनवाणी भेंट की गई। मीडिया प्रभारी विकास जैन ने बताया की सांयकालीन सत्र में नगरपालिका टिन शेड में वृहद आकार का स्वास्तिक के माध्यम से शुरुआत की, तत्पश्चात मुनि श्री 108 प्रणीत सागर जी महाराज के मुखारविंद से प्रत्येक रिधिमन्त्रों के साथ लगभग 3000 दीपकों को प्रज्वलित कर सम्पूर्ण जाप की गई! साथ ही मुनि श्री ने वीरशाशन पर्व पर अपने अमृत वचनों से बताया की श्रावण कृष्ण प्रतिपदा के दिन भगवान महावीर की दिव्यध्वनि मुखरित हुई। भगवान महावीर के समवशरण में महर्षि इंद्रभूति गौतम जब अपने 500 शिष्यों के साथ पहुंचे वहां स्थित मानस्तम्भ को देखते ही गौतम ऋषि के मान का गलन हुआ एवं उन्होंने भगवान महावीर को अपना गुरु मानकर उपदेश देने की प्रार्थना की जब भगवान महावीर की दिव्यध्वनि 718 भाषाओं में खिरनी लगी तब महर्षि गौतम ने उसे लिपिबद्ध किया
एवं अंतर्मूर्हत में द्वादशांग जिनवाणी की रचना की उसी उपलक्ष्य में वीरशाशन जयंती का पर्व मनाया जाता है! आयोजन में सकल जैन समाज ने अपनी भागीदारी निभाई एवं यह आयोजन णमोकार मण्डल के सदस्यों द्वारा संचालित किया गया। साथ ही जानकारी देते हुए बताया की 13जुलाई 2025 रविवार को मध्यान में चातुर्मास कलश की स्थापना होगी, जिसकी अध्यक्षता समाज अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ, मुख्य अतिथि नेमीचंद जैन अध्यक्ष नगरपालिका देवली होंगे।



