देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। मन्दिर श्री चारभुजा नाथ अग्रवाल पंचायत देवली (टोंक) संस्था के निर्णयनुसार दीपावली पूजन (लक्ष्मी पूजन) दिनांक 20 अक्टूबर 2025 सोमवार को होगा एवं अन्नकूट प्रसादी 22 अक्टूबर 2025 बुधवार को है।योगेश पुजारी, अनुज पुजारी व पंडित मुकेश गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर के श्री चारभुजा नाथ मन्दिर (अग्रवाल समाज),श्री लक्ष्मीनाथ मन्दिर (राठौड़ तेलियान समाज),श्री सत्यनारायण भगवान मन्दिर (चौबे जी मन्दिर) बगीची बालाजी मन्दिर,श्री गोपाल जी मन्दिर (एजेन्सी),बावड़ी बालाजी मन्दिर,पंचमुखी हनुमान मन्दिर,श्री रामानुज ज्योतिष कार्यालय (पण्डित कैलाश जी दाधीच),भगवान गुरुकृपा संस्थान (पण्डित मुकेश गौतम),श्री विष्णु ज्योतिष कार्यालय (पंडित राधाकांत जोशी) उक्त सभी मन्दिर पुजारी एवं ज्योतिष कार्यालयों के संस्थापक द्वारा दिपावली पूजन 20 अक्टूबर 2025 सोमवार को शास्त्रोक्त है।
उल्लेखनीय है कि इस बार दीवाली को लेकर विद्वानों के मतों में विरोधाभास देखने को मिल रहा है। 2025 में दिवाली की तारीख को लेकर विरोधाभास का मुख्य कारण अमावस्या तिथि का 20 और 21 अक्टूबर दोनों दिनों में व्याप्त होना है। हालाँकि, ज्यादातर ज्योतिषीय और धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, दिवाली 20 अक्टूबर को मनाना शुभ रहेगा, जबकि कुछ जगहों पर इसे 21 अक्टूबर को मनाने की बात कही गई है।

दिवाली 20 अक्टूबर को क्यों ?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिवाली का मुख्य पर्व लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) होता है। अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार को दोपहर 3:44 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे तक रहेगी। 20 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि पूरी तरह व्याप्त है, जो शास्त्रों के अनुसार लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। भारत में विद्वानों और ज्योतिषियों की एक प्रमुख संस्था काशी विद्वत परिषद ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दिवाली 20 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। इस तरह, अधिकांश विशेषज्ञों के अनुसार, दिवाली 2025 सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी, क्योंकि इसी दिन लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त है। लोग अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय मंदिरों द्वारा दिए गए समय के आधार पर भी निर्णय ले सकते हैं।




