देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। नगर पालिका देवली मण्डल की गत 5 दिसम्बर को आयोजित बैठक में अटल उद्यान समेत शहर के सभी उद्यानों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पास किए जाने के विरोध के स्वर उठने लगे हैं। गुरुवार को शहरवासियों ने इस निर्णय को जनहित, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के विपरीत बताते हुए उपखण्ड अधिकारी देवली को ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव के क्रियान्वयन पर रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि अटल उद्यान और महावीर उद्यान शहर के प्रमुख विकसित उद्यान हैं, जिनके सौन्दर्यकरण पर नगर पालिका लाखों रुपए खर्च कर चुकी है। यहां लोग सुबह शाम टहलने व योग-व्यायाम के लिए आते हैं। ऐसे में इन्हें सामाजिक आयोजनों के लिए खोलना पर्यावरण, स्वच्छता और शहर की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। भीड़भाड़ व कचरे से पौधों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई। ज्ञापन में बताया कि वार्डों में पहले से ही कई उद्यान व सार्वजनिक स्थान हैं, जिन्हें नगरपालिका सामाजिक कार्यक्रमों के लिए अधिकृत कर चुकी है।
ऐसे में सबसे सुंदर और सुव्यवस्थित अटल व महावीर उद्यानों को कार्यक्रमों के लिए खोलना जनभावनाओं के विपरीत है। इस दौरान पूर्व आईएएस शिवजीराम प्रतिहार, अशोक कुमार, दीपक माहेश्वरी, गोविंद गुप्ता, विष्णु कुमार चाष्टा, धर्मचंद लोढ़ा, कैलाश पंचोली, मुश्ताक अहमद, श्याम लाल मीणा, मोतीलाल मीणा, फूलसिंह, धनराज साहू, हंसराज, भंवर लाल शर्मा, राजेंद्र शर्मा, पदम चंद समेत कई मौजूद थे।

