देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। बीसलपुर बांध की भराव क्षमता बढ़ाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में राष्ट्रीय विस्थापित समन्वय संघर्ष समिति का देवली उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना गुरुवार को चौथे दिन भी निरंतर जारी है। संघर्ष समिति ने सरकार के सामने पुरजोर मांग रखी है कि बांध की भराव क्षमता को वर्तमान 315.50 आरएल मीटर पर ही यथावत रखा जाए, क्षमता बढ़ने से विस्थापितों के लिए बसाई गई पुनर्वास कॉलोनियां पूरी तरह पानी में डूब जाएगी।
विस्थापितों का कहना है कि बांध को ईआरसीपी (ERCP) योजना से जोड़ा जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, लिहाजा भराव क्षमता बढ़ाने का निर्णय जनहित में नहीं है। ज्ञापन में विस्थापितों ने पूर्व में किए गए सरकारी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि बांध निर्माण के समय टोंक जिले को प्राथमिकता से सिंचाई व पीने का पानी देने और शेष भूमि पर नहर सुविधा का वादा आज तक अधूरा है। साथ ही संघर्ष समिति ने मांग की है कि जिनकी भूमि 1.62 हेक्टेयर से अधिक डूबी है उन्हें पूरा रकबा आवंटित किया जाए।
भूमि आवंटन के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाई जाए और चरागाह से बारानी भूमि रूपांतरण की फाइलों का निस्तारण कर पात्र विस्थापितों को शीघ्र भूमि दी जाए। विस्थापितों के साथ अध्यक्ष मुकुंद सिंह राणावत, यादराम मीणा, राजबहादुर वर्मा व सत्यनारायण सरसडी समेत अन्य लोगो ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी पुनर्वास नीति से जुड़ी लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होता और भराव क्षमता यथावत रखने का निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा।
व सरकार ने हमारी मांगो पर अतिशीघ्र ही विचार नही किया तो ये आंदोलन उग्र होगा वही देवली बाजार को बंद करेंगे एवं चक्का जाम करेंगे यहाँ तक कि आत्मदाह तक करने को तैयार रहेंगे। इस दौरान अध्यक्ष मुकुंद सिंह राणावत कालू कुमावत, विजयलक्ष्मी, यादराम मीणा, बंशी बोयडा, उदय लाल कीर, धनराज मीणा, राम सिंह मीणा,नोरत खींची, जय किशन मीणा, डॉक्टर प्रहलाद मीणा,(पूर्व सरपंच) राजबहादुर, हरलाल मीणा,कुलदीप मीणा, सतीश वर्मा,राजेंद्र सैनी,सत्यनारायण गुर्जर समेत लोग मौजूद रहे।



