धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीस माझा, प्रशासन की ओर से नहीं हो रही किसी तरह की कार्रवाई।

*रोमांच तो है, लेकिन खतरा बढ़ गया :-

*पक्षियों पर भी मंडरा रहा खतरा :-

*करंट लगने का खतरा:-

*प्रतिबंधित होने के बावजूद रोकथाम हेतु ध्यान नहीं दिया जा रहा है:-

*चायनीज मांझे पर रोक तो है पर सख्ती नहीं:-

 

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। मकरसंक्रांति को लेकर बाजार में सजी पतंगों की दुकानों में अधिकांश जगह पर धड़ल्ले से प्रतिबंधित चायनीज मांझा बिक रहा है। यह धागा पशु-पक्षियों के अलावा मनुष्य के लिए भी खतरा साबित हो सकते हैं। इधर, नगरपालिका प्रशासन को इस संबंध में जानकारी होने के बावजूद कार्यवाही नहीं हो रही है। जानकारी के अनुसार गत वर्ष भी इस चायनीज मांझे से कई पक्षी घायल हो गए थे, जबकि कइयों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा किसी के गले में फंसने से गला तक कट गया था। सस्ते मांझे के चक्कर में चाइना से आए इस मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं जो दूसरों के लिए भी खतरा बन सकते हैं। वन्य जीव प्रेमियों ने भी शहर में चायनीज मांझे की बिक्री पर कार्यवाही की मांग की है। सर्दी के मौसम में कई बच्चे युवा दूसरे खेल छोड़कर हाथ में पतंग धागा थामना ज्यादा पंसद करते हैं। वहीं पतंग प्रेमी बच्चे युवा मांझा को लेकर घर की छतों मैदानों पर पतंगबाजी में जुटे हैं।

इसमें एक-दूसरे की पतंग काटने से ज्यादा ऊंचाई तक का रोमांच तो है, लेकिन खतरा भी बढ़ गया है। सर्दी के मौसम में पतंगबाजी के कारण बच्चों, पशु, पक्षियों सहित राहगीरों के साथ दुर्घटना होने के मामले भी सामने रहे हैं। सबसे अधिक मोटरसाइकिल चालकों के लिए खतरा बन रहा है। सामान्य धागे के मुकाबले चाईनीज धागा काफी मजबूत होता है। नाईलोन से यह धागा बना होता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। इससे यदि कोई व्यक्ति सामान्य धागे की चपेट में आ जाए तो कम मजबूती के कारण वे टूट जाता है, लेकिन नायलोन से बना चाइनीज मांझा आसानी से नहीं टूटता है जिससे यह बहुत खतरनाक होता है। चाइनीज धागे के कारण पक्षियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पतंगबाजी में इस धागे का इस्तेमाल होने के कारण कई बार पक्षियों के पंख कट जाते हैं, तो कई पक्षियों के पंजे धागे में अटक जाते हैं।

इस कारण हर साल कई पक्षियों की जान जाती है। वहीं आमतौर पर पतंग कटने के बाद पेड़ों में अटक जाता है एवं धागा भी पेड़ की डालियों पर फंस जाता है। जिससे फिर यह धागा पक्षियों के पंजे पंख में उलझ जाता है। चाइनीज मांझा डोर से बना मांझा मजबूत होने के साथ-साथ सस्ता भी है। यही वजह है कि लोग इस मांझे को खरीदते हैं, लेकिन ये चाईनीज मांझा खतरनाक भी है। दरअसल ये मांझा प्लास्टिक से बना होता है। इसके साथ-साथ इस पर लोहे का बुरादा लगा होता, जो अगर किसी बिजली के तार पर लग जाए, तो पतंग उड़ाने वाले या फिर डोर को पकड़ने वाले को करंट लग सकता है। पतंगउड़ाने वाले युवा बच्चें ज्यादातर चाइनीज मांझा का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। शहर की दुकानों पर यह खुले आम बिक रहा है। यह धागा प्रतिबंधित होने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पक्षी या मनुष्य कोई भी इसके चपेट में आकर चोटिल हो सकता है। सरकार चायनीज मांझे पर रोक के कितने ही दावे करे, लेकिन हकीकत इससे परे है। मकर संक्रांति के नजदीक आते ही शहर में प्रतिबंधित चायनीज मांझे के खरीदारी बिक्री में तेजी जाती है। देवली शहर में कई दुकानों पर चायनीज माझा खुलेआम बिक रहा है यहाँ तक कि पुलिस थाने के सामने गांधी पार्क वाली गली में तो रिटेल के साथ पूरे शहर व आसपास के क्षेत्र में सप्लाई हो रही है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर प्रशासन ढिलाई बरत रहा है। जिससे किसी की भी जिंदगी पर आफत बन सकती है।

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