भगवान विश्वकर्मा दिव्य शिल्पकार कला व तकनीकी ज्ञान के देवता:-दुर्गा लाल जांगिड़।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर की जयपुर रोड स्थित जांगिड़ छात्रावास में शनिवार को समाज द्वारा विश्वकर्मा जयंती मनाई गई जिसमें महिलाओं द्वारा भगवान विश्वकर्मा आराधना के साथ ही भजन एवं गीत गाए गए। जानकारी देते हुए समाज के पूर्व अध्यक्ष दुर्गा लाल जांगिड़ ( टाकावास )ने बताया कि पुराणों में आराध्य भगवान विश्वकर्मा का उल्लेख उस दिव्य शिल्पकार के रूप में मिलता है जिन्होंने स्वर्गलोक के महलों का निर्माण किया।

भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र और इंद्र का वज्र जैसे दिव्य शस्त्रों का सृजन किया। इस कारण वे कला, शिल्प और तकनीकी ज्ञान के देवता के रूप में पूजे जाते हैं। आयोजित जयंती कार्यक्रम में हर 3 वर्ष कार्यकाल बढ़त नए अध्यक्ष पद हेतु चुनाव करवाए जाते हैं। जिसमें गणेश नारायण जांगिड़ पटेल नगर को सर्व सम्मति से समाज बंधुओ की उपस्थिति में अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर समाज के महेश चंद जांगिड़ , सागरमल जांगिड़ ,नाथू लाल जांगिड़, बाबूलाल , भंवरलाल, राजू लाल ,महावीर प्रसाद, नवल कुमार ,कैलाश चंद्र सहित उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *