देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। विश्वकर्मा मंदिर परिसर बीसलपुर में दिनांक 30 जनवरी को वास्तुकला ,शिल्पकला ,यांत्रिकी व तकनीकी कौशल के आराध्य देव भगवान विश्वकर्मा की जयंती के अवसर पर भव्य भजन संध्या का आयोजन रखा गया जिसमे श्रदालुओ ने प्रभु श्री सीताराम व भगवान विश्वकर्मा जी से समाज व प्रदेश की उन्नति की कामना कि एवं भजन गायकों ने भावपूर्ण प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर के वातावरण को भक्तिमय कर दिया

दिनांक 31जनवरी रविवार को सुबह सैकड़ो महिलाओ ने मंगल कलश धारण करके शोभयात्रा निकली एवं प्रभु श्री सीतारामजी व भगवान विश्वकर्मा जी महाराज के जयघोष गूंजते रहे | इसके बाद सम्पूर्ण विधि विधान से भगवान विश्वकर्माजी की पूजा अर्चना कर चांदी का मुकुट चढ़ाया गया| उसके बाद सनातन संस्कृति के अनुसार पवित्र हवनकुंड 5 जोड़ो द्वारा पुण्य हवन किया गया। दुसरी ओर आयोजन समिति द्वारा सभी समाज बंधुओ का दुपट्टा ओढाकर स्वागत किया गया व मंदिर परिसर में लौहार पांचाल समाज द्वारा एक आम सभा आहूत करके मंदिर की आधारभूत आवश्यकताओ जैसे दैनिक पूजा अर्चना, अखंड ज्योत, साफ सफाई , पारम्परिक रूप से वर्षभर में मनाये जाने वाले उत्सव एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था व सेवा कार्यो को सुचारू रूप से चलाने के लिए सर्वसम्मति से सभी समाज बंधुओ ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर भगवान श्री सीतराम जी व विश्वकर्मा विश्वकर्मा मंदिर बीसलपुर के नाम से नवीन सेवा समिति का गठन कर पंजीयन कराने का निर्णय लिया गया है। भगवान विश्वकर्मा जी की जयंती के पावन अवसर पर भगवान श्री सीताराम जी व भगवान विश्वकर्मा जी को नवीन पोशाक पहनाकर अपने आराध्य को महाप्रसादी का भोग लगाया गया और सभी ने महाप्रसादी प्राप्त की। 




