अर्धनारीश्वर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का विशाल कलश यात्रा द्वारा आगाज, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर की तेजाजी कॉलोनी में किन्नर गदाधिपति पायल दीदी द्वारा निर्मित अर्धनारीश्वर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आगाज रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ। आस्था और विश्वास के इस संगम ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सरोबार कर दिया है। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 9 बजे बस स्टैंड स्थित प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर से एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर धर्म की ध्वजा फहराई। इस महाआयोजन की मुख्य सूत्रधार और आयोजक पायल बाई किन्नर द्वारा इस भव्य दरबार को सजाया और संवारा जा रहा है। महोत्सव की गरिमा को बढ़ाने के लिए महामंडलेश्वर दिव्य मुरारी बापू स्वयं इस शोभायात्रा में सम्मिलित हुए, जिनका सानिध्य पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भक्ति और भव्यता का अनूठा संगमः- शोभायात्रा की विशालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब यात्रा का एक सिरा छतरी चौराहे पर था, तो दूसरा सिरा बस स्टैंड तक फैला हुआ नजर आया। तीन बैंडों की मधुर धुनों और भगवान शिव, शिव पंचायत व हनुमानजी की सजीव झांकियों ने हर किसी का मन मोह लिया। पूरे मार्ग को आकर्षक रंगोली और ध्वजाओं से सजाया गया था, जहाँ श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया।

 

इस दौरान श्री नीलकंठ महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा शोभायात्रा का भव्य अभिनंदन किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, महामंत्री टीकम चंद सेन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमावत, ओम बागड़ी, रिंकू पाराशर, महेश अग्रवाल, रवि साहू और रविंद्र बंसल सहित सभी सदस्यों ने मुख्य आयोजक पायल बाई, संत मुरारी बापू और कथावाचिका पूजा बैरागी का माल्यार्पण कर और शिव दुपट्टे पहनाकर जोरदार स्वागत किया। कलश यात्रा निधि एंटरप्राइजेज के संचालक महेश अग्रवाल द्वारा सभी श्रद्धालुओं को गन्ने के रस का वितरण भी किया गया। इसी तरह लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया। सामाजिक समरसता की नई मिसालः- किन्नर समाज की पायल बाई के नेतृत्व में सोनम बाई और निशा बाई ने बताया कि रविवार दोपहर एक बजे से ही विदुषी पूजा बैरागी द्वारा शिव महापुराण कथा का वाचन भी प्रारंभ हो गया है, जो आगामी सात दिनों तक भक्ति की अविरल धारा बहाएंगी।

स्थानीय प्रशासन और वॉलिंटियर्स की टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं के अपार उत्साह और दीपावली जैसे माहौल को देखकर यह स्पष्ट है कि आगामी आठ दिनों तक देवली में भक्ति का ऐसा ज्वार उठेगा जो, इस मंदिर को भविष्य में आस्था के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर देगा। इस दौरान जन सेवा समिति, ब्राह्मण समाज, श्री व्यापार महासंघ सहित कई सामाजिक संगठनों एवं व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर माहौल को भक्तिमय बना दिया।

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