“कर्म लौटकर जरूर आते है” मिलावटी दूध मामले में लापरवाही पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन गुर्जर एपीओ।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। कहते है उस नीली छतरी वाले कि अदालत में देर हो सकती है मगर अंधेर नही हो सकती। जी,हाँ इस बात को चरितार्थ करती ये हकीकत दुनिया के सामने है जिस खाद्य सुरक्षा अधिकारी पर मिलावट को रोकने की जिम्मेदारी थी वही अधिकारी मदन गुर्जर मिलावटखोरों का रहनुमा निकला। मामला कुछ यूं प्रकाश में आया है कि डिग्गी में 2 फरवरी की रात 5500 लीटर मिलावटी दूध बरामद होने और रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध तैयार करने वाली फैक्ट्री पर टोंक की टीम की कार्रवाई के बाद लापरवाही सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदनलाल गुर्जर को जयपुर मुख्यालय के आदेश पर पद स्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में किया है और डिग्गी थाने के बीट कांस्टेबल सज्जन कुमार व एक अन्य कांस्टेबल रामचरन को भी निलम्बित कर दिया गया है। प्रारम्भिक तौर पर मिलावटी दूध की फैक्ट्री की समय पर जानकारी नहीं देने और काम में लापरवाही सामने आने के बाद दोनों विभागों के आलाधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। ज्ञात रहे कि 2 फरवरी की रात पुलिस की स्पेशल टीम ने डिग्गी कस्बे के पीनणी रोड स्थित सुनसान इलाके में स्थित एक मकान में चल रही फैक्ट्री पर कार्रवाई की थी। यहां भारी मात्रा में सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर, लैक्टोज मोनोहाइड्रेट, कास्टिक सोडा और करीब 5500 लीटर तैयार मिलावटी दूध, उपकरण एवं वाहन बरामद किए थे। इस मामले में बड़ी सच्चाई यह सामने आई थी कि करीब एक साल से मुख्य आरोपी बहरोड निवासी सोनू यादव यहां से मिलावटी दूध तैयार कर कई जिलों में आपूर्ति कर रहा था और डिग्गी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने इनको रोकने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इस प्रकरण में अब छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी सोनू यादव अभी भी फरार है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदनलाल को एपीओ करने के आदेश में प्रशासनिक कारण बताया गया है। कार्रवाई से कुछ दिनों पहले ही मदनलाल ने फैक्ट्री से नियमित सैंपल लेकर जांच की थी और जांच रिपोर्ट में दूध की गुणवत्ता को सही बताया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों के सामने उपरोक्त जानकारी के आने के बाद देर रात मदनलाल गुर्जर को बुला लिया गया था। सैंपल जांच में सही रिपोर्ट देने और मौके पर मिले मिलावटी सामान के जखीरे को लेकर वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भेजी गई, जिन्होंने प्रकरण को गंभीर मान उक्त कार्रवाई की है।

एपीओ किए जाने के बाद टोंक सीएमएचओ ने मदनलाल गुर्जर को जयपुर मुख्यालय के लिए रिलीव कर दिया। गोरतलब है कि पूर्व में खाद्य अधिकारी मदनलाल गुर्जर को देवली शहर में हो रहे मिलावटी दूध व घी की सप्लाई रोकने  हेतु मीडिया द्वारा सचेत कर खबरें प्रकाशित करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई अमल में नही लाई गई। इससे ये बात साबित होती है कि मदन गुर्जर की शह पर ही मिलावटखोर जिले में बेखोफ मिलावट कर इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहे है। खेर देर सवेर ऐसे इंसानियत के दुश्मनों का हश्र इशी प्रकार से होना तय होता है।

 

 

* बीट कांस्टेबल व अन्य सिपाही पर भी गिरी गाज….

 

टोंक से गई विशेष टीम और डिग्गी थाने की कार्रवाई में यह भी सामने आया कि मिलावटी दूध की संचालित फैक्ट्री की तत्काल सूचना देने में बीट कांस्टेबल सज्जन कुमार और अन्य सिपाही रामचरन ने भी लापरवाही बरती, जिससे सोनू यादव खुलेआम मिलावटी दूध को यहां तैयार कर टोंक, अजमेर, जयपुर जिले सहित अन्य जगहों पर भेजता रहा। प्रारम्भिक तौर पर दोनों की लापरवाही मान उन्हें निलम्बित कर दिया गया है।

 

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