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जहरीला कारोबार,मुश्किल में है जान!फूड सेफ्टी से जुड़े अधिकारियों की अनदेखी का परिणाम।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। कोई निर्माता नाम नहीं है, कोई समाप्ति तिथि नहीं है, कोई घटक सूची नहीं है, और कोई एमआरपी नहीं है। कुछ भी नहीं है। यह उत्पाद संभवतः किसी छिपे हुए, अनियमित स्थान पर बनाया जा रहा है और इसे दिन के उजाले में खुले तौर पर बेचा जा रहा है। इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। लोग नहीं जानते कि यह कहाँ बनाया गया था, इसे कब बनाया गया था, या किस तरह के तेल या सामग्री का उपयोग किया गया था। फूड सेफ्टी से जुड़े अधिकारियों के लिए कार्रवाई करना मुश्किल नहीं होना चाहिए। उन्हें किसी भी डेयरी या किराना स्टोर में जाना चाहिए, ऐसे अवैध उत्पादों को जब्त करना चाहिए, भारी जुर्माना लगाना चाहिए, और सख्त चेतावनी देनी चाहिए। यदि वही गलती फिर से होती है, तो दुकान को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्य से ऐशी कोई ठोस कार्यवाही अमल में लाना सपने जैसा लगता है। देवली शहर में खुल्ले आम इस तरह का नज़ारा कई दुकानों व डेयरियों व परचून दुकानों पर देखा जा सकता है। हालात तो ये है कि शहर के गणेश रोड पर स्थित कुछ डेयरी तो दो सौ से तीन सौ रुपये की कीमत पर ही कथित रूप से देशी घी उपलब्ध करवा रही है अब गौर करने वाली बात तो ये है कि जहाँ गाँव मे मिल रहे असली देशी घी की कीमत लगभग एक हज़ार रुपये के करीब है वहाँ इन डेयरियों पर मिलने वाले सस्ते घी की गुणवत्ता क्या होती होगी इस बात को नासमझ व्यक्ति भी बता सकता है मगर पढ़े लिखे ग्रेजुएट अधिकारी इनको लगातार क्लीनचिट देते आ रहे है। जनता इस बात से हैरान है कि आखिर क्या वजह है कि सरकारी तमगा इन मौत का कारोबार करने वाले व्यापारियों पर अंकुश लगाने में नाकामयाब क्यो हो रहा है।

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