शीर्षक: बाल विवाह एक सामाजिक अपराध: तालुका विधिक सेवा समिति देवली द्वारा आयोजित की गई बच्चों की रैली।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शनिवार को माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति देवली द्वारा शहीद सोहन लाल वर्मा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवली के तत्वावधान में विधालय के बच्चो द्वारा देवली शहर में रैली का आयोजन किया गया सचिव तालुका विधिक सेवा समिति विजय गौड़ एवं पीएलवी भगवान कंवर द्वारा बाल विवाह के प्रति बच्चों को जागरूक किया एवं आगामी वैवाहिक सीजन (जैसे: आखा तीज/पीपल पूर्णिमा) के मद्देनजर बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करना है बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ भी है।

 

कानूनी प्रावधान और दंड:

 

‘बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006’ के तहत विवाह के लिए लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। यदि कोई भी व्यक्ति बाल विवाह करवाता है, उसमें सहायता करता है या उसे बढ़ावा देता है, तो उसे 2 साल तक के कठोर कारावास या 1 लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। इसमें विवाह कराने वाले पंडित, टेंट वाले, बैंड-बाजे वाले और हलवाई भी शामिल हैं।माननीय रालसा ने आदेश जारी कर सभी उपखंड अधिकारियों, तहसीलदारों और ग्राम पंचायतों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘बाल विवाह निषेध निगरानी समितियों’ का गठन किया गया है, जो संदिग्ध विवाहों पर पैनी नजर रखेंगी। आम जनता से अपील की है कि: अपने बच्चों का विवाह कानूनी आयु पूर्ण होने पर ही करें। यदि आपके आस-पास कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। बाल विवाह मुक्त समाज का निर्माण करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। आइए, हम सब मिलकर बच्चों के बचपन को सुरक्षित करने और उन्हें शिक्षित बनाने का संकल्प लें।

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