देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। विधानसभा क्षेत्र जहाजपुर-कोटड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ऊँचा की इंद्रा कॉलोनी (वार्ड नंबर 4) में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अकाल पड़ा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और ग्राम पंचायत स्तर पर बार-बार शिकायत के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वार्डवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। त्रस्त नागरिकों ने क्षेत्र के विधायक गोपीचंद मीणा को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। विधायक को सौंपे गए पत्र में वार्डवासियों ने बताया कि कॉलोनी की मुख्य सड़कें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और जो सड़कें अब तक नहीं बनी हैं, उन्हें शीघ्र बनाने की आवश्यकता है। सड़कों के अभाव में आमजन को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात के समय पूरी कॉलोनी जलभराव और कीचड़ की चपेट में आ जाती है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण हर तरफ गंदगी फैली हुई है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और क्षेत्र में विभिन्न गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।वार्ड वासियों ने आरोप लगाया कि विगत 10 वर्षों से कॉलोनी की रोड लाइटें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। रात्रि के समय चारों ओर अंधकार पसरा रहने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका भी बनी रहती है। कॉलोनी में पीने के पानी के लिए कोई बोरवेल या हैंडपंप की सुविधा नहीं है, जिसके कारण आम जनता और विशेषकर महिलाओं को पानी की एक-एक बूंद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं कॉलोनी के कई स्थानों पर रसूखदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण रास्ते बेहद संकरे हो गए हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रतिनिधिमंडल (जिसमें भानु सिंह, त्रिलोक एवं अन्य कॉलोनीवासी शामिल थे) ने बताया कि इन सभी गंभीर समस्याओं के संबंध में पूर्व में भी कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर तथा अन्य सक्षम अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। परंतु आज तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की प्रभावी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। ग्राम पंचायत से जुड़े सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा लगातार बरती जा रही इस अनदेखी और उदासीनता के कारण कॉलोनी वासियों में भारी रोष व्याप्त है। वार्ड वासियों ने विधायक से अत्यंत विनम्र निवेदन करते हुए कहा है कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए संबंधित लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही कॉलोनी की सभी समस्याओं का शीघ्र से शीघ्र स्थाई समाधान करवाकर आमजन को इस नारकीय जीवन से राहत प्रदान की जाए।







