देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय, देवली में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिए मधुमक्खी पालन (Beekeeping) विषय पर विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का संचालन डॉ. दया शंकर मीणा के निर्देशन में किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को मधुमक्खी पालन की आधुनिक तकनीकों एवं स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मधुमक्खियों की प्रजातियों, जीवन चक्र, कॉलोनी प्रबंधन, रानी मधुमक्खी की पहचान, परागण के महत्व तथा फसल उत्पादन में मधुमक्खियों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही शहद, मोम एवं अन्य उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण तथा विपणन की विधियाँ भी समझाई गईं। प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को उपकरणों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन एवं प्रयोगात्मक अभ्यास भी कराया गया। इसमें मधुमक्खी बक्से (हाइव बॉक्स), फ्रेम, स्मोकर, बी वेल एवं ग्लव्स, हाइव टूल, बी ब्रश, अनकैपिंग नाइफ, हनी एक्सट्रैक्टर, फीडर आदि उपकरणों के उपयोग और रख-रखाव की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने स्वयं छत्तों का निरीक्षण कर शहद निकालने की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त किया। डॉ. दया शंकर मीणा ने बताया कि मधुमक्खी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है, जो किसानों और युवाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इसे कृषि के साथ जोड़कर आय बढ़ाने हेतु प्रेरित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ तथा इससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव के साथ उद्यमिता की दिशा में नई प्रेरणा प्राप्त हुई।







