देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शनिवार को 100 दिवसीय टी बी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत खण्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय देवली के अधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आवां , देवडावास की राजकीय स्कूलों आवाँ खवासपुरा, कनवाड़ा, बडोली ,खरोई, ठीकला, टोकरावास देवडावास , जूनिया , आमली , जलसीना में 587 छात्र-छात्राओं 38 अध्यापक अध्यापिका तथा स्कूल परिवार को क्षय रोग के प्रति जागरूक किया गया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक को टी बी मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम ब्लॉक सुपरवाइजर खेमराज चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमो द्वारा विद्यार्थियों को टी बी के कारण लक्षण बचाव तथा उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी कार्यक्रम में उपस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, महिला स्वास्थ्य दर्शिका ने बताया कि टी बी एक संक्रामक रोग है अगर इसका समय पर जांच तथा नियमित उपचार से इसे पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे तो तुरंत उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।
संतुलित आहार तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि जागरूकता ही टी बी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनीष लोधी के आदेश अनुसार 100 दिवसीय टी बी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आयोजन किया गया। ब्लॉक सुपरवाइजर चौधरी ने सरकार द्वारा उपलब्ध निशुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य कार्मिकों से प्रश्न पूछे और विशेषज्ञ से उन्हें संदेह दूर किया। कार्यक्रम में स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक आहार ,नियमित दवा का सेवन पर विशेष जोर दिया गया साथ ही यह भी समझाया गया कि टी बी रोगी के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर उनके प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना बहुत जरूरी है कार्यक्रम में प्रेम मीणा, साक्षी शर्मा, हेमलता मीणा, मोनिका मीणा, रानी कुमारी मीणा, शाहरुख खान ,हेमलता मीणा, चंद्र प्रकाश मीणा, सुनीता मीणा, प्रिया, कविता मीणा एवं संबंधित स्कूलों से अध्यापक अध्यापिकाएं उपस्थिति रही।



