देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। नगर की आम जनता, व्यापारी वर्ग, किसानों, सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर राजकीय उप जिला अस्पताल एवं रोडवेज बस स्टैंड के प्रस्तावित स्थानांतरण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में स्थानीय नागरिकों व विभिन्न संगठनों की ओर से उपखण्ड अधिकारी (एसडीओ) देवली के माध्यम से राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत मांगपत्र प्रेषित किया गया है। इससे पहले शहर के लोग नारेबाजी करते हुए हाथों में तख्तियां लेकर धान मंडी से मुख्य बाजार होते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन दिया। इस दौरान शहर के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। मांगपत्र में पुरानी कृषि उपज मण्डी परिसर में जिन्स मण्डी को पुनः संचालित करने की भी पुरजोर मांग की गई है। प्रतिनिधियों का कहना है कि देवली का राजकीय उप जिला अस्पताल वर्तमान में शहर के मध्य स्थित है, जिससे शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की आम जनता को सुलभ व त्वरित चिकित्सा सेवाएँ मिल रही हैं। इसे शहर से दूर स्थानांतरित करने पर जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, अस्पताल दूर होने के कारण आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार मिलने में अत्यधिक कठिनाई होगी। बुजुर्गों, महिलाओं, गर्भवती माताओं, दिव्यांगों, बच्चों एवं आमजन को दूर जाने के लिए अनावश्यक आर्थिक और मानसिक बोझ वहन करना पड़ेगा। अस्पताल तक पहुँचने में विलम्ब होने की स्थिति में गंभीर मरीजों की जान को खतरा बढ़ सकता है। वहीं लोगो का कहना है कि वर्तमान में अस्पताल के लिए जो भूमि चिन्हित की गई है, वह शहर से काफी दूर है तथा किसी भी मुख्य सड़क या लिंक रोड पर नहीं है। वहाँ तक पहुँचने वाली सड़क भी बेहद संकरी है। शहर में लगभग 35 करोड़ की लागत से अस्पताल के भव्य भवन का निर्माण होना सुनिश्चित हुआ है, जिसके लिए भवन का किसी मुख्य सड़क या लिंक रोड पर होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए वांछित भूमि शहर के मध्य ही उपलब्ध है।ज्ञापन में मांग की गई है कि अस्पताल को वर्तमान स्थान पर ही विकसित एवं विस्तारित किया जाए तथा इसके स्थानांतरण का प्रस्ताव तुरंत निरस्त हो। साथ ही, जब तक नए भवन के लिए उचित भूमि का सर्वसम्मति से चयन नहीं हो जाता, तब तक इस कार्य से जुड़ी सम्पूर्ण निविदा (टेंडर) प्रक्रिया को तुरंत स्थगित किया जाए व मांगपत्र के दूसरे मुख्य बिंदु में वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड को शहर के मध्य से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया गया है। नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में बस स्टैंड शहर के केंद्र में होने के कारण यात्रियों, विद्यार्थियों, महिलाओं एवं स्थानीय व्यापारियों को बेहद सुविधा होती है। यदि इसे यहाँ से हटाया गया, तो दैनिक आवागमन करने वाले हजारों लोगों को भारी असुविधा और अतिरिक्त परिवहन खर्च का सामना करना पड़ेगा। इस संयुक्त मांगपत्र के जरिए देवली के समस्त सामाजिक व व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन को अवगत कराया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन जनविरोधी प्रस्तावों को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।






