देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक बाबा अब्दुल पहलवान अली शाह वली (रह.) का सालाना दो दिवसीय उर्स मुबारक का आयोजन सुबह फ़ज़र की नमाज़ के बाद कुरान ख्वानी की गई। शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर अ खालिक अब्बासी ( अल्लाहदिया )की अगुवाई में आयोजित किया गया। चादर शरीफ का जुलूस शाही जामा मस्जिद देवली से मज़ार शरीफ ( दरगाह) के लिए रवाना किया गया जिसमें जहाजपुर से आए गाज़ी दरबार बैंड के सिंगर विनोद कुमार, जाकिर खान ने स्वर लहरियां बिखेरी “तुम जो चाहो तो हर फूल की तासीर बदल दो, बिगड़ी हुई हर एक शख्स की तक़दीर बदल दो”असर की नमाज़ से पहले दरगाह शरीफ़ पर इंतजामिया कमेटी एवं दूरदाज से आए अकीदत मंद जायरीनों के सान्निध्य में बाबा साहब को चादर और गुलपोशी पेश की गई। शाम को लंगर प्रसादी का भोज करवाया गया। अजमेर शरीफ़ से आए से आए कव्वाल नौशाद शोला अजमेरी ने एक से बढ़कर एक कव्वाली – सुफियाना कलाम पेश की ” भर दो झोली मेरे या मुहम्मद, लौट कर आज में ना जाऊंगा खाली”! शाह ए समंदर!पिया हाजी! पिया हाजी अली! शोला ब्रदर्स के सिंगर नौशाद शोला ने! ताजदारे ए हरम निगाहे करम।दमा दम मस्त कलंदर! अली दम दम के अंदर! दुल्हन बनी है दिल्ली आज! दुल्हा बना है ख्वाजा अजमेर की गलियों में! सूफियाना कलाम पेश कर के अकीदत मंद जायरिनो झूमने पर मजबूर कर दिया। उक्त जानकारी समाज के प्रतिनिधि मोहम्मद इदरीस हारून अंसारी द्वारा दी गई है।





