देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। टोंक जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवली थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने गौ-तस्करी के एक मामले में पिछले 7 महीनों से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मालपुरा) पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी एवं पुलिस उप अधीक्षक (देवली) हेमराज मुण्ड के मार्गदर्शन में थानाधिकारी दौलत राम गुर्जर के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। घटना पिछले साल 10 नवंबर 2025 की है। रात्रिकालीन गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि पनवाड़ मोड़ पर स्थित महावीर ढाबे के पास एक कंटेनर (रजिस्ट्रेशन नंबर: RJ02GC4185) संदिग्ध हालत में खड़ा है, जिसमें गौवंश भरा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच करने पर कंटेनर के अंदर करीब 15 गौवंश अत्यंत क्रूरतापूर्वक भरे हुए पाए गए। पुलिस को देखकर कंटेनर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने सभी गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराकर बरामद किया और अज्ञात चालक व वाहन स्वामी के खिलाफ राजस्थान गौवंशीय पशु अधिनियम तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सहायक उप निरीक्षक गोपालसिंह,मीठालालऔर कांस्टेबल दीपक की एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने परिवहन विभाग से कंटेनर के दस्तावेजों की जांच की, जिससे पता चला कि वाहन का पंजीकृत स्वामी सहबास अहमद पुत्र खुर्शीद अहमद, निवासी घासौली (किशनगढ़बास, जिला अलवर) है। घटना के बाद से ही आरोपी सहबास अहमद पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पकड़े जाने के डर से अपने नियमित मोबाइल व संपर्क साधनों का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा था। मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता पुलिस टीम ने हार न मानते हुए तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय सूचना तंत्र और मुखबिरों को सक्रिय किया। अथक प्रयास और सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने आखिरकार आरोपी के संभावित ठिकाने पर दबिश देकर उसे धर दबोचा। पूछताछ और अनुसंधान के दौरान आरोपी की इस अपराध में संलिप्तता पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद पुलिस ने उसे विधिसम्मत तरीके से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अब आरोपी से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।







