देवली :-(बृजेश भारद्वाज)। बीसलपुर परियोजना आवासीय कॉलोनी (देवली) के निवासियों ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कॉलोनी में सड़कों की जर्जर हालत, पीने के पानी की किल्लत, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें और बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान होकर कॉलोनी वासियों ने नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।
*जर्जर सड़कें दे रही हैं हादसों को न्योता…
कॉलोनी वासियों का कहना है कि वर्तमान में सबसे मुख्य समस्या सड़कों की बनी हुई है। पूरी कॉलोनी की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। इन गहरे गड्ढों के कारण आए दिन स्कूल वाहन और स्थानीय निवासियों की गाड़ियां इनमें फंस जाती हैं। लोगों ने आशंका जताई है कि अगर जल्द ही सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो कोई बड़ी और अनहोनी दुर्घटना घट सकती है।
*अंधेरे में डूबी कॉलोनी और बंदरों का खौफ…
सड़कों के अलावा कॉलोनी में लंबे समय से रोड लाइटें खराब हैं, जिसके कारण रात के समय पूरी कॉलोनी में घाना अंधेरा पसरा रहता है। अंधेरे के साथ-साथ कॉलोनी में बंदरों का आतंक भी चरम पर है। निवासियों के अनुसार, पूर्व में बंदरों द्वारा कई बच्चों और महिलाओं को काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में डर और खौफ का माहौल बना हुआ है।
*तीन-तीन दिन तक नहीं आता पीने का पानी….
कॉलोनी में पेयजल संकट भी गहराया हुआ है। स्थिति यह है कि लोगों को तीन-तीन दिनों तक पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में पानी की भारी किल्लत के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
*निवासियों की चेतावनी…..
कॉलोनी वासियों ने नगरपालिका प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि इन सभी गंभीर समस्याओं का निस्तारण जल्द से जल्द नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बीना मीणा, कोमल शर्मा,मुकेश मीणा, रामचंद्र,निर्मला व महावीर मीणा समेत लोग मौजूद रहे।






