देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। राजस्थान में पुलिस प्रशासन ने ध्वनि नियंत्रण अधिनियम और सुरक्षा नियमों के तहत डीजे और साउंड सिस्टम के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी कर रखें हैं। इसके तहत तय डेसिबल सीमा का पालन करना, रात 10 बजे के बाद डीजे पर रोक और यात्राओं या आयोजनों में भारी-भरकम व तय आकार से बड़े साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध शामिल है।मुख्य नियम और गाइडलाइन समय सीमा: रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक डीजे या तेज आवाज वाले ध्वनि यंत्र बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।ध्वनि स्तर (डेसिबल): सुबह 6 से रात 10 बजे तक अधिकतम 55 dB(A) और रात 10 से सुबह 6 बजे तक अधिकतम 45 dB(A) की ध्वनि सीमा तय की गई है।
आकार और वाहन प्रतिबंध: यात्राओं (जैसे कांवड़ यात्रा आदि) या जुलूसों में ट्रैक्टर-ट्रॉली या अन्य वाहनों पर तय सीमा से अधिक ऊंचाई-चौड़ाई या अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे सिस्टम ले जाने पर रोक है।
भड़काऊ गाने: डीजे पर किसी भी प्रकार के भड़काऊ, उत्तेजक या अशांति फैलाने वाले गाने बजाने पर पूरी पाबंदी है।
अनुमति: सार्वजनिक आयोजनों, रैलियों या धार्मिक यात्राओं में डीजे बजाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस उपकरण जब्त कर सकती है और डीजे संचालकों व आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
मगर देवली शहर में पुलिस द्वारा उक्त नियमो की पालना हेतु कोई ठोस कदम नही उठाये जा रहे है। ह्रदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार जोरदार साउंड से पैदा होने वाली ध्वनि के कारण कमजोर दिल वालो को हार्ट अटैक आने का ये डीजे भी मुख्य कारणों में से एक है। अब देखना ये है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता बरतता है।







