RGHS योजना का पूर्ण रूप से नही मिल पा रहा मरीज़ों को लाभ। कुछ मेडिकल संचालक दवा की उपलब्धता नही होने का दे रहे हवाला। मरीज़ हो रहे परेशान।
देवली में RGHS योजना के तहत दवाइयाँ न मिलने से लाभार्थी परेशान, पूर्व पार्षद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की माँग की।
देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर में राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी RGHS (राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) स्वास्थ्य योजना के तहत नामांकित मेडिकल स्टोरों द्वारा दवाइयाँ उपलब्ध न कराने और लाभार्थियों को परेशान करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पूर्व पार्षद लोकेश लक्षकार (वार्ड नं. 15, देवली) ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर हस्तक्षेप करने और दोषी मेडिकल स्टोरों पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है।
*मरीजों और बुजुर्ग पेंशनरों को हो रही भारी परेशानी…
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजस्थान सरकार की RGHS योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराना है। परंतु ज़मीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत है। देवली में कई मेडिकल स्टोरों पर अक्सर आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध न होने की बात कहकर मरीजों व बुजुर्ग पेंशनरों को लौटा दिया जाता है या दवा देने से साफ इनकार कर दिया जाता है। इसके चलते लाभार्थियों को बार-बार मेडिकल स्टोरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और मजबूरी में अपनी जेब से पैसे खर्च कर बाहर से दवाइयाँ खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
*पूर्व पार्षद द्वारा की गई प्रमुख माँगे….
*नियमित जाँच: RGHS से संबद्ध मेडिकल स्टोरों की नियमित आधार पर जाँच करवाई जाए।
*सख्त कार्रवाई: स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद दवा देने से मना करने वाले स्टोरों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ा कदम उठाया जाए।
*वैकल्पिक व्यवस्था: आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और जिन दवाओं का स्टॉक नहीं है, उनके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।
*हेल्पलाइन व जवाबदेही: लाभार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी हेल्पलाइन और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
कुछ मेडिकल को छोड़कर बाकी दे रहे मरीज़ों को चकमा…..
शहर में अमित मेडिकल स्टोर के अतिरिक्त अन्य मेडिकल जैसे ममता सर्किट स्तिथ जैन मेडिकल कुचलवाडा रोड पर मौजूद अंजनी मेडिकल ने तो जैसे लूट की दुकानें बना रखी है। यंहा तक कि प्रधानमंत्री दवा योजना तक मे भी मेडिकल संचालक दवाइयां उपलब्ध नही होने का बहाना बनाकर टाल रहे है। मरीज़ों को उक्त योजना में दवा देना ही नही चाहते ओर अगर देते भी है तो 10 में से 2 दवा वो भी बहुत मेहरबानी के साथ।
पूर्व पार्षद लोकेश लक्षकार ने कहा कि यह योजना लाखों परिवारों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है, इसलिए प्रशासन को इस समस्या का शीघ्र समाधान कर आम जनता को राहत पहुँचानी चाहिए। इस पत्र की प्रतियाँ चिकित्सा मंत्री तथा जिला कलेक्टर, टोंक को भी उचित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं।







