निष्काम भक्ति ही परमधाम का सदमार्ग:-पंडित हेमराज ।

देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। दोलता मोड़ स्थित सरसडी वाले बालाजी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक-पंडित हेमराज ने कथा वाचन करते हुए कहा कि भगवान विष्णु के 24 अवतारों की कथाएँ हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण हैं, जो धर्म की रक्षा और दुष्टों के नाश के लिए भगवान के विभिन्न रूपों में प्रकट होने की कहानियाँ हैं।

इन अवतारों में से कुछ प्रमुख हैं: मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि। ये कथाएँ हमें सिखाती हैं कि भगवान हमेशा धर्म की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं और जब भी आवश्यक होता है, वे विभिन्न रूपों में प्रकट होते हैं। साथ ही सुखदेव भगवान की कथा,हिरण्यकश्यप प्रहलाद कथा, शिव पार्वती संवाद कथा सुनाई गई। महाराज श्री ने बताया कि पुराणों में निष्काम भक्ति को ही परमधाम का सदमार्ग कहा गया है।

आज के मुख्य यजमान के रूप में केदारमल तिवारी रहे वही दुर्गा लाल तिवारी राम रतन धाकड़ राय बहादुर सिंह प्रभु दयाल फॉरेस्टर दुर्गा लाल ठेकेदार, बेनाथ धाकड़, रामस्वरूप तिवारी, किशन धाकड़ व सत्यनारायण चाष्टा,जगदीश धाकड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। देवली से पार्षद सत्यनारायण तिवारी (सरसडी)ने महाराज श्री का स्वागत किया।

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