देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। वेटरनरी महाविद्यालय, देवली द्वारा कुचालवाड़ा गाँव स्थित मां बिजासन गौशाला में एक दिवसीय नि:शुल्क पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया। यह शिविर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. राठौर और निदेशिका नीलू अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। अग्रवाल के कुशल निर्देशन में यह शिविर केवल एक चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवता, सेवा और पशुप्रेम का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
शिविर में गौशाला एवं पशुपालकों की गायों में गलघोंटू, बछड़े की लंगड़ी बुखार और निमोनिया , त्वचा रोग एवं अन्य रोगों का निदान एवं उपचार किया गया। पशुचिकित्सालय संकुल प्रभारी डॉ. भार्गव की देखरेख में शिविर में गायों के बांझपन, बाह्म व अंतः परजीवी संक्रमण, मिल्क फीवर, थनैला, मुंहपका-खुरपका और अन्य बीमारियों की जांच तथा उपचार किया गया। शिविर में 12 गौवंश को कृमिनाशक दवाएं दी गईं, 6 मादा पशुओं का बांझपन निवारण उपचार और 8 अन्य बीमार पशुओं का इलाज किया गया। पशु प्रसूति एवं मादा रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका चौधरी और डॉ. पीयूष ने पशुओं के स्वास्थ्य, संवर्धन, पोषण, प्रजनन एवं उत्पादन क्षमता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. साई श्री ने दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पशुओं का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया। इस शिविर में आवश्यक दवाइयां तथा मिनरल मिक्सर वितरित किए गए, साथ ही महाविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र-छात्राओं ने पशुपालकों को मार्गदर्शन और परामर्श भी दिया। इस अवसर पर गौशाला के संचालक एवं ग्रामवासी भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम में सहभागिता की।
पशु प्रसूति एवं मादा रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका चौधरी और डॉ. पीयूष ने पशुओं के स्वास्थ्य, संवर्धन, पोषण, प्रजनन एवं उत्पादन क्षमता की जानकारी दी। शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. साई श्री और डॉ. अनिल के द्वारा दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पशुओ की सर्जरी की गयी | शिविर में आवश्यक दवाइयां एवं मिनरल मिक्सर वितरित किए गए तथा महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने सहयोग कर पशुपालकों को परामर्श प्रदान किया। इस अवसर पर गौशाला के संचालक एवं ग्रामवासी भी उपस्थित रहे।


