पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय में किसान दिवस मनाया गया।
देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय, सिरोही में मंगलवार को किसान दिवस गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया जो ज्ञान, कृषि एवं किसानों के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक रहा। उसके बाद किसानों को माल्यार्पण करके उनको स्वागत क्या गया। किसान दिवस का आयोजन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन किसानों के अधिकारों, भूमि सुधार एवं ग्रामीण विकास के लिए समर्पित किया।

कार्यक्रम का संचालन चेतना सिंघल एवं अध्यक्षता महाविद्यालय की निदेशक नीलू अग्रवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यक्रम में एसोसिएट डीन डॉ. अंकित चोकड़ीवाल, डॉ. बी.एस. मीणा, डॉ दया शंकर मीणा, डॉ. आर.सी. सावल, राजू लाल धाकड़, शिव शंकर चौहान, अंशु सक्सेना, अविनाश जांगिड़, सरदार चौधरी, चंद्र प्रकाश शर्मा , सोहन यादव, सहित महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय संबोधन में निदेशक नीलू अग्रवाल ने कहा कि “किसान देश की रीढ़ है। कृषि के विकास से ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।” उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर एसोसिएट डीन डॉ. अंकित चोकड़ीवाल एवं अन्य वक्ताओं ने किसानों के महत्व, वर्तमान समय में कृषि की चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन तथा नवीन कृषि तकनीकों पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्र-छात्राओं द्वारा किसान दिवस के महत्व पर आधारित प्रेरणादायक विचार एवं संदेश भी प्रस्तुत किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान “जय किसान, जय भारत” के नारों से महाविद्यालय परिसर गूंजता रहा। कार्यक्रम का समापन किसानों के सम्मान, कृषि के उत्थान एवं किसान-हित में निरंतर कार्य करने के संकल्प के साथ किया गया।


