देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर के लोहा व्यापारीयो की मनमानी अपने चरम पर है। खुलेआम सड़क पर पड़े लोहे के सरियों ने यमराज का रूप ले रखा है। इन व्यापारियों को ना तो प्रसाशन का खोफ है और ना ही इंसानों के जीवन की चिंता। इन्हें मतलब है तो सिर्फ और सिर्फ अपने लाभ से चाहे इसके लिए मासूम इंसानों की बलि ही क्यो न लेनी पड़ जाये। दर्जनों बार आम लोगो द्वारा टोके जाने पर भी इन व्यापारियों पर कोई खास असर देखने को नही मिला। ये अपनी जिद व ऊंचे रसूख के चलते अपनी मनमानी करते है। उल्टे शिकायतकर्ताओं से झगड़ा करने पर आमादा रहते है।वही जिम्मेदारों की खामोशी का नाजायज फायदा इनको मिल रहा है। शहर के आम रास्तों में बने लोहे के गोदाम आम जन के लिए जानलेवा मुसीबत बनते जा रहे हे । पटेल नगर में ग़ोयल मोटर्स के पास स्थित हार्डवेयर विक्रेता के बाहर के हालत बेहद नाजुक और चिंता जनक देखे जा सकते हे। दिन भर लोहे के चद्दर, एंगले, सरिए को लोडिंग अनलोडिंग करने के दौरान रास्ते में कई बार अवरोध खड़ा हो जाता हे , वाहनों की आडी टेडी रेलमपेल भी लगी रहती हे ।अगर एसी स्थिति में किसी के साथ हादसा हो जाता हे तो जिम्मेदार कौन होगा। रास्ते में लोहे के बड़े बड़े एंगल, सरिए रख कर आम जनता के चलने के लिए बने मार्ग को कोई ऐसे कैसे गोदाम बना सकता हे,आने जाने लोगों के लिए दिनभर बेरीकेट जैसे रुकना। माना प्रशासन कुछ नहीं कहता इसका मतलब यह भी नहीं कि जो मर्जी वो कर लिया जाए । वैसे भी शहर का प्रशासन बहुत दयालु हे जनता भले ही कितनी ही परेशान हो, रास्ते कितने ही जाम हो पर इन अवरोध पैदा करने वाले को कोई तकलीफ नहीं होने देता ओर इनके हौसले भी इसी लिए आसमान पर हे। मौके पर सरियों से लदे वाहन भी लोगों के लिए किसी खतरे से कम नहीं वाहनों में बाहर तक निकले सरिए किसी जिंदगी का आखरी सफर बन सकते हे।प्रशासन यदि कुछ देर मौके पर जाकर अपनी आंखों से देखे तो शायद ज्यादा कुछ बयां करने की जरूरत नहीं होगी । मार्ग की चौड़ाई भी खत्म कर दी गई हे स्थानीय निवासियों में भी हमेशा हादसे होने का भय रहता हे । कॉर्नर की दुकान होने के कारण दोनों ओर का मार्ग अवरुद्ध रहता हे , नजदीक ही दो राष्ट्रीय बैंक ओर फाइनेंस कम्पनियां हे जिसमें सैकड़ों लोगों का आवागमन रहता हे लेकिन इस एक लोहे के व्यापारी ने अव्यवस्थाओं का लोहा मनवा रखा हे। उधर विवेकानंद कॉलोनी में एलआईसी की बिल्डिंग के पीछे बड़जात्या आयरन स्टोर ने तो हद ही पार कर रखी है। पूरे ही सड़क मार्ग पर सरियों का जाल बिछाकर अतिक्रमण कर रखा है। जहाँ 50 फिट के रोड से दुपहिया वाहन का भी निकलना दूभर है। यहाँ पास ही में दर्जी समाज की धर्मशाला भी है जहाँ किसी कार्यक्रम के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पास ही में नामदेव उद्यान भी है जहां मासूम बच्चे खेलने आते हैं। कई बार इन जानलेवा सरियों की चपेट में आकर बच्चे घायल हो चुके है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे व्यापारियों को पाबंद करके आम जन को राहत प्रदान करे।






