देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। पेंशनर्स समाज उप शाखा देवली द्वारा वित्त मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा पेंशनर्स के विरूद्व जारी वैधता अधिनियम 2025 जो भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा 25/3/25 को लोक सभा मे पेश किया गया था,जो लोकसभा एवं राज्य सभा से पारित होने के उपरान्त दिनांक 29/3/25 को जारी नोटिफिकेशन के माध्यम से एक कानून बन गया है जो कि पेंशनर्स के लिए काले कानून के रूप मे साबित हो रहा है।
इस काले कानून के कारण अब पेंशनर्स को भविष्य मे किसी प्रकार का लाभ देय नही होगा ,पेंशन मे किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं होगी तथा पूर्व पेशनर्स मे विभेद करके उनके लाभ समाप्त करते हुए फिक्स पेंशन भी निर्धारित की जा सकती है।विशेष बात यह है की इन सब विपरीत कारणों के उपरान्त भी आप किसी न्यायालय मे तक दायर नहीं कर सकेगे। इसी अधिनियम के विरुद्ध अखिल भारतीय राज्य पेशनर्स महासघ के आव्हान के साथ साथ राजस्थान समाज ने भी 25/3/2026 को ” काला दिवस ” के रूप मे मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम मे स्थानीय पेशनर्स समाज ने भी काली पट्टी बाध कर पेंशन भवन से रेली के रूप मे उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुँच कर उपखण्ड अधिकारी के प्रतिनिधि को प्रधान मंत्री के नाम् ज्ञापन सोप कर काले कानून् को वापस लेने की माग की । ज्ञापन देने वालो मे स्थानीय पेशन समाज उप शाखा अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शर्मा, टोंक जिला संघ सरक्षक शिव राम प्रतिहार, लक्ष्मी नारायण, भंवर लाल नायक,रमेश चाष्टा, बाबुलाल जैन, नाथू लाल वैष्णव, महेश लाठी, डॉ लाला राम मीना, पीसी तुंगारिया, डॉ मुस्ताक अहमद,राजेद्र् शर्मा सावर, प्रभुलाल वर्मा, नाथु लाल वर्मा, घीसा लाल टेलर, सत्यनारायण गोयल, रामावतार् टेलर, नंद सिंह, रामपाल सैन व मुकेश सैन के साथ कई गणमान्य वरिष्ठ पेंशनर्स उपस्तिथ थे।





