देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पुलिसकर्मियों द्वारा एक अधिवक्ता के साथ मारपीट, मोबाइल छीनने और थाने में ले जाकर बदसलूकी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अधिवक्ता ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को शिकायत पत्र सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों और थानाधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई व उन्हें सस्पेंड करने की मांग की है।
*रास्ते में रोककर की मारपीट, छीना मोबाइल…
शिकायतकर्ता अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा (निवासी लुहारीकलां, थाना हनुमाननगर) ने बताया कि 9 जून 2026 की रात करीब 9:30 बजे वे देवली से अपने ससुराल दाँता जा रहे थे। रास्ते में जयपुर रोड देवली पर विजय मार्बल पट्टीयो की टाल के पास उन्हें उनके साले बृजमोहन मिले। जब दोनों वहां खड़े होकर बातचीत कर रहे थे, तभी अचानक तीन व्यक्ति वहां आए और गाली-गलौज करते हुए छीना-झपटी करने लगे। खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले इन व्यक्तियों ने जबरन अधिवक्ता का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
*थाने ले जाकर की बदसलूकी, झूठे केस में फंसाने की धमकी….
पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोगों ने थाने से गाड़ी बुलाई और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाकर, मारपीट करते हुए हनुमाननगर थाने ले गए। थाने में भी उनके साथ बदसलूकी की गई और किसी से बात नहीं करने दी गई। अधिवक्ता के रूप में अपना परिचय देने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने एक नहीं सुनी। रात में ही जबरन उनका मेडिकल करवाया गया और करीब 1 बजे उन्हें थाने से छोड़ा गया। इस दौरान उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा ने मारपीट करने वालों में हेड कांस्टेबल सुनील, कांस्टेबल लालाराम, राजेन्द्र मीणा, भूपेन्द्र और एक अन्य व्यक्ति की पहचान की है।
* रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार, वकीलों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप….
घटना के अगले दिन, यानी 10 जून 2026 को जब पीड़ित अधिवक्ता अपनी शिकायत लेकर हनुमाननगर थाने पहुंचे, तो थानाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद सभी अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया, उनके साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया और कैमरे से उनकी रिकॉर्डिंग करने लगे।
*सस्पेंशन और कानूनी कार्रवाई की मांग….
इस घटना से वकीलों में भारी आक्रोश है। पीड़ित अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा ने भीलवाड़ा एसपी को पत्र लिखकर मांग की है कि हनुमाननगर थानाधिकारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।





