देवली:-(बृजेश भारद्वाज)। शहर के प्रसिद्ध नेकचाल बालाजी परिसर में पिछले कई दिनों से एक बंदर का आतंक श्रद्धालुओं के लिए गंभीर परेशानी का कारण बना हुआ है। अब तक यह बंदर कई बच्चों, बालिकाओं, महिलाओं, युवकों और बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुका है। मंगलवार को भी बंदर ने दो बालिकाओं तथा उन्हें बचाने आए एक युवक को काटकर घायल कर दिया, जिससे परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, कुछ माह पूर्व एक छोटे बंदर को, जिसके दोनों पैर नहीं थे, किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा नेकचाल बालाजी परिसर में छोड़ दिया गया था। उस समय वह शांत स्वभाव का था और श्रद्धालुओं का दुलारा बन गया था। लोगों ने प्यार से उसका नाम ‘रामू’ रख दिया। वह अक्सर लोगों के कंधों पर बैठ जाता था और छोटे बच्चों के साथ भी खेलता नजर आता था।
लेकिन जैसे-जैसे रामू बड़ा हुआ, उसका स्वभाव आक्रामक होता चला गया। अब वह आए दिन छोटे बच्चों, बालिकाओं, महिलाओं, बुजुर्गों तथा अन्य श्रद्धालुओं पर हमला कर देता है। स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक कई दर्जन श्रद्धालु उसके हमलों में घायल हो चुके हैं। इसके चलते मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल बना हुआ है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इस संबंध में कई बार देवली नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा वन विभाग को लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंदर को सुरक्षित तरीके से पकड़कर किसी उपयुक्त वन क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालु बिना किसी भय के दर्शन कर सकें।






